टांडा (अंबेडकरनगर)। बदमाशों की गोलियों का शिकार हुए बसपा नेता जुरगाम मेहदी का भी लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उनके विरुद्ध मुंबई समेत हंसवर थाने में कुल 21 मुकदमे दर्ज थे। उधर हत्या के सिलसिले में नामजद हिस्ट्रीशीटर व माफिया सरगना खान मुबारक पर कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं। खान मुबारक इन दिनों लखनऊ जेल में निरुद्ध है। दोनों खेमों के बीच इसी के चलते गैंगवार की स्थिति भी बन गई थी।
सोमवार को खुद पर पिछले जानलेवा हमले से जुड़े मामले में पेशी पर न्यायालय जाते समय हुई गोलाबारी में दिवंगत हुए बसपा नेता जुरगाम मेहदी का भी लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उन पर आपराधिक मुकदमों की शुरुआत वर्ष 1987 में लूट के एक मुकदमे से हुई थी। इसके बाद साल दर साल उनके विरुद्ध अपराध दर्ज होने का सिलसिला लगातार चलता रहा। 2004 में उन पर प्राणघातक हमले के साथ ही गैंगस्टर एक्ट का भी मुकदमा दर्ज किया गया था। गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी हंसवर पुलिस उन पर कर चुकी थी। मुंबई की सीआईडी क्राइम ब्रांच टीम ने उन पर हत्या व साजिश रचने का केस दर्ज किया था। उधर हत्या मामले में नामजद हरसम्हार निवासी माफिया सरगना खान मुबारक के विरुद्ध हंसवर, अलीगंज, टांडा व बसखारी थानों के अलावा मुंबई, इलाहाबाद व लखनऊ के थानों में कुल 27 केस दर्ज हैं। वह हंसवर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। बसखारी के एक व्यापारी के सिर पर बोतल रखकर अट्टाहास करते फायरिंग करने का उसका एक वीडियो पूर्व में खूब वायरल हुआ था। फैजाबाद जेल के भीतर से भी उसका अपनी जान को खतरा बताते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था। भूमि पर कब्जे व रंगदारी के मामलों में पिछले कुछ वर्षोँ में खान मुबारक का नाम तेजी से उभरा है, जबकि इससे वह हत्या व लूट जैसी वारदातों में शामिल रहा करता था।
उधर दोनों खेमों के बीच पिछले लंबे समय से गैंगवार की स्थिति भी बनी हुई थी। सितंबर 2016 में खान मुबारक के गुर्गे शेरू की हत्या मामले में जुरगाम व शुभनीत समेत चार को नामजद किया गया था। जुरगाम को फंसाने के लिए इसे भी मास्टर माइंड खान मुबारक की करतूत माना गया। बाद में लंबी जांच प्रक्रिया के बाद जुरगाम आदि की नामजदगी को खारिज करते हुए खान मुबारक व उसके गुर्गों को पुलिस ने अभियुक्त बना दिया था। वर्ष 2015 में जुरगाम पर हुए जानलेवा हमले के बाद उनके पुत्र आरिफ व चालक शुभनीत पर जानलेवा हमले का एक केस खान मुबारक व उनके गुर्गों पर भी दर्ज हुआ था। इन्हीं सबके चलते दोनों पक्षों के बीच एक दूसरे से निपट लेने जैसी स्थिति बनी हुई थी।