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आवासीय पट्टा की मांग को लेकर बेनीपुर के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

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अंबेडकरनगर। भूमि से बेदखली के लिए दबाए बनाए जाने से नारारज भीटी तहसील क्षेत्र के बेनीपुर के ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। कहा कि उनके पूर्वज लगभग 5 दशक से जिस भूमि पर जानकारी के अभाव में आवास बनाकर रह रहे हैं, अब तहसील प्रशासन उसे जबरन खाली करवाना चाह रहा है।
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तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई से उनकी गृहस्थी बर्बाद हो जाएगी। ऐसे में प्रशासन अविलंब उन्हें संबंधित भूमि पर आवासीय पट्टा आवंटित कर दे, जिससे 25 से अधिक परिवारों की गृहस्थी बर्बाद होने से बच जाए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी सुनवाई स्थानीय स्तर पर न हुई तो वह कलेक्ट्रेट के पास अनशन पर बैठने को विवश होंगे। बाद में डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम गिरिजेश त्यागी को सौंपा।

भीटी तहसील क्षेत्र के बेनीपुर गांव के करीब 25 से अधिक ग्रामीण लगभग पांच दशक से एक भूखंड पर आवास बनाकर रह रहे हैं। संबंधित भूमि पर ग्रामीणों के छप्पर आदि के साथ कई पक्के मकान भी बन चुके हैं। इस बीच शासन द्वारा सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुुरू हुई तो ग्रामीणों को जानकारी हुई कि वह लोग जिस भूमि पर रह रहे हैं, वह भी राजस्व अभिलेखों में बंजर दर्ज है।
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तहसील प्रशासन ने जब ग्रामीणों को भूमि खाली करने की नोटिस दी तो उनके हाथ पांव फूल गए। पिछले कई दिनों से तहसील प्रशासन ग्रामीणों को संबंधित भूमि खाली करने के लिए दबाव बना रहा है, जबकि ग्रामीण अपनी गृहस्थी बर्बाद होने की बात कहकर प्रशासन से संबंधित भूमि का उन लोगों के नाम आवासीय पट्टा दिया जाए। परंतु तहसील प्रशासन उनकी बातों को ध्यान नहीं दे रहा है।

ग्रामीण हरिनाथ यादव के नेतृत्व में 20 से अधिक ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे, और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने डीएम से बेदखली की कार्रवाई को रोके जाने की मांग की। कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांग को अनसुना करेगा तो उनकी पूरी गृहस्थी बर्बाद हो जाएगी। ऐसे में प्रशासन ग्रामीणों के हितों को देखते हुए संबंधित भूमि पर कब्जेदारों को आवासीय पट्टा देने पर विचार करे।

ग्रामीण वंशराज, इंद्रबहादुर, इंद्रजीत, रामबहाल, रामसरन, पप्पू, मिनकू, गोविंद, मगरू, विजय बहादुर, शिवशरन, राज बहादुर, राजन, राकेश, विजय नारायण, रामबहादुर, रामहित, रामउजागिर व शिवप्रसाद आदि ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें न मानी गई तो वह कलेक्ट्रेट पर अनशन पर बैठने के लिए विवश होंगे। बाद में डीएम को संबोधित ज्ञापन ग्रामीणों ने एडीएम गिरिजेश त्यागी को सौंपा।
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