अंबेडकरनगर। अकबरपुर चीनी मिल मिझौड़ा में पेराई सत्र बंद हुए लगभग साढ़े पांच माह बीत गए, लेकिन अभी तक सात हजार गन्ना किसानों का करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। हालांकि चीनी मिल में नवंबर के मध्य से पुन: पेराई सत्र प्रारंभ होने की तैयारी की जा रही है। इस बीच किसानों का भुगतान न होने से उनके समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है। गन्ना बकाया भुगतान के लिए जब भी किसान चीनी मिल के अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो सरकार से जरूरी धनराशि न मिलने का हवाला देकर उन्हें वापस कर दिया जाता है।
अकबरपुर चीनी मिल मिझौड़ा में बीती 26 अप्रैल को पेराई सत्र संपन्न हुआ था। इसके बाद से बकाया भुगतान के लिए किसानों के समक्ष संकट खड़ा हो गया। कई बार धरना-प्रदर्शन व शिकायतों के बीच 29 मार्च तक का ही भुगतान चीनी मिल प्रशासन कर सका है। इसके बाद से भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है।
नतीजा यह है कि सात हजार से अधिक किसानों का लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। पेराई सत्र बंद हुए साढ़े पांच माह बीतने को हैं, लेकिन बकाया भुगतान करने को लेकर चीनी मिल प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
नतीजा यह है कि इसका खामियाजा संबंधित किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों के लंबित भुगतान के बीच आगामी 15 नवंबर के बाद कभी भी फिर से पेराई सत्र प्रारंभ करने की तैयारी चीनी मिल ने शुरू कर दी है। किसानों का कहना है कि पिछला भुगतान करने से पहले नए सत्र की तैयारी शुरू करना उनके साथ धोखा है।
किसान बोले, भुगतान न होने से आर्थिक समस्या
गन्ना किसान अकबरपुर के दिलीप वर्मा व अखिलेश कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि चीनी मिल प्रशासन द्वारा बकाया भुगतान को लेकर सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है, लेकिन भुगतान को लेकर कगंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इससे संबंधित किसानों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। मरथुआ सरैया के गयादीन पांडेय व सभाजीत वर्मा ने कहा कि नियमत: गन्ना बिक्री के बाद 15 दिन के अंदर भुगतान कर देना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उन्हें गन्ना बिक्री किए हुए छह माह बीतने को हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है। इसे लेकर जब भी जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क किया जाता है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है।
भुगतान करने को चल रही प्रक्रिया
भुगतान के लिए जरूरी प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने भुगतान के लिए धनराशि देने का वादा किया है। किसानों को जल्द से जल्द भुगतान हो, इसके लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
- योगेश सिंह, सहायक प्रबंधक गन्ना