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सवा लाख बच्चों को अक्तूबर से मिलेगा हॉट कुक्ड का लाभ

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अंबेडकरनगर। आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत तीन से छह वर्ष तक के एक लाख 29 हजार बच्चों के लिए खुशखबरी है। लगभग दो वर्ष से ठप पड़ी हाटकुक्ड योजना का संचालन अब एक बार फिर से शुरू होने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब भोजन परिषदीय विद्यालयों में रसोइया बनाएंगे। वहीं से नामांकित बच्चों की संख्या के आधार पर आंगनबाड़ी पर भोजन भेजा जाएगा। ग्राम प्रधान व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का संयुक्त खाता खुलने के बाद उम्मीद है कि 15 अक्तूबर तक योजना का लाभ बच्चों को मिलने लगेगा।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को पहले हाटकुक्ड योजना के तहत गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाता था। लगभग दो वर्ष पूर्व शासन ने योजना के संचालन पर रोक लगा दी थी। बीते दिनों सरकार ने एक बार फिर से योजना के संचालन का निर्णय लिया। गौरतलब है कि जिले में 2548 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन पर एक लाख 29 हजार 285 बच्चे नामांकित हैं। इनको हाटकुक्ड योजना का लाभ दिलाने के लिए शासन ने ग्राम प्रधान व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का संयुक्त खाता खोले जाने का निर्देश दिया था। पहले योजना के संचालन के लिए धनराशि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खाते में भेजी जाती थी लेकिन शासन ने अब इसमें पारदर्शिता लाने के लिए ग्राम प्रधान व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संयुक्त खाते में धनराशि भेजने का निर्णय लिया है।
योजना के सुचारु संचालन को लेकर शासन ने अब नई व्यवस्था की है। अब हाटकुक्ड योजना के तहत भोजन आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं द्वारा नहीं बल्कि परिषदीय विद्यालयों में रसोइयों से बनवाया जाएगा। परिषदीय विद्यालयों से ही संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित बच्चों की संख्या के आधार पर भोजन पहुंचाया जाएगा। नए निर्देश में कहा गया है कि यदि ग्राम पंचायत में दो या दो से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हों तो सभी का भोजन एक ही परिषदीय विद्यालय में बनेगा। यहीं से केंद्रों पर भोजन भेजा जाएगा।
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15 अक्तूबर तक शुरू होगी योजना
शासन के निर्देशानुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व ग्राम प्रधान का संयुक्त खाता तेजी से खुलवाए जा रहे हैं। लगभग 85 प्रतिशत खाते खुल भी गए हैं। शेष जल्द ही खुल जाएंगे। 15 अक्तूबर तक योजना के तहत बच्चों को भोजन मिलने लगेगा। -विनोद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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