अंबेडकरनगर। सौर ऊर्जा से चलेंगे जिले के 270 से अधिक परिषदीय विद्यालयों के पंखे व कम्प्यूटर। प्रदेश सरकार ने ऐसे विद्यालयों में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना कराने का निर्णय लिया है, जहां विद्युतीकरण किसी कारणवश संभव नहीं है। शासन के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी व एडीओ पंचायत की संयुक्त टीम के गठन किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई, जो ऐसे विद्यालयों का सत्यापन करेगी, जहां विद्युतीकरण नहीं है। सत्यापन के बाद ग्राम पंचायत द्वारा चतुर्थ राज्य वित्त की धनराशि से वार्षिक लक्ष्य तैयार कर सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इससे लगभग 30 हजार छात्र-छात्राओं को जहां गर्मी में पंखे की हवा मिल सकेगी, वहीं आधुनिक शिक्षा योजना के तहत कम्प्यूटर शिक्षा का भी लाभ मिलेगा।
परिषदीय विद्यालयों की दशा व दिशा सुधारने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा लगातार गंभीरतापूर्वक ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। न सिर्फ एमडीएम जैसी महत्वपूर्ण योजना का संचालन किया जा रहा है, वहीं परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निशुल्क ड्रेस, पुस्तक, बैग व जूता मोजा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इन सबके बीच प्रदेश सरकार ने अब ऐसे परिषदीय विद्यालयों में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना किए जाने का निर्णय लिया है, जिन विद्यालयों में विद्युतीकरण किसी कारणवश संभव नहीं है। दरअसल विद्युतीकरण न होने से एक तरफ गर्मी में संबंधित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ती हैं, वहीं आधुनिक शिक्षा योजना के तहत कम्प्यूटर शिक्षा से भी वंचित हैं।
गौरतलब है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 1873 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसके सापेक्ष 270 से अधिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां विद्युतीकरण नहीं है। इन विद्यालयों में लगभग 30 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। योजना के तहत इन विद्यालयों में ग्राम पंचायत द्वारा चतुर्थ राज्य वित्त की धनराशि से सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना कराई जाएगी। डीपीआरओ कार्यालय के कर्मचारी रईस अहमद ने बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्र में 600 वाट का एक पैनल व 25-25 एम्पियर की दो बैट्री लगाई जाएगी। योजना के तहत विद्यालयों में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना शीघ्र हो सके, इसके लिए शासन के निर्देश पर संबंधित विद्यालयों के सत्यापन के खंड शिक्षा अधिकारी एडीओ पंचायत की संयुक्त टीम का गठन किया जा रहा है। शीघ्र ही टीम द्वारा विद्यालयों का सत्यापन कर उसकी सूची शासन को भेज दी जाएगी।
सत्यापन के बाद शुरू होगा सौर ऊर्जा लगाने का कार्य
शासन से ऐसे विद्यालयों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाने का निर्देश मिला है, जिनमें विद्युतीकरण नहीं है। ऐसे विद्यालयों का सत्यापन खंड शिक्षा अधिकारी व एडीओ पंचायत द्वारा किया जाएगा। सत्यापन होने के बाद सूची शासन को भेज दी जाएगी। इसके बाद ग्राम पंचायत द्वारा वार्षिक लक्ष्य तैयार कर सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। -रामअशीष चौधरी, डीपीआरओ