अंबेडकरनगर। शुक्रवार दोपहर करीब जिले के कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। जलालपुर, भीटी व टांडा तहसील क्षेत्रों में जमकर बारिश होने से जगह-जगह जलभराव की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। इसी बीच जलालपुर थाना अंतर्गत पेठियां गांव में खपरैलनुमा घर की ढही कच्ची दीवार के मलबे में दबकर एक वृद्धा की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। जानकारी प्राप्त करने के साथ ही परिवारीजनों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर जिन क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, वहां की सड़कें जलाशय में तब्दील हो गईं। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार सुबह से ही आसमान पर काले बादल उमड़ने घुमड़ने लगे थे। पूर्वाह्न होते-होते जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई। जलालपुर, भीटी व टांडा तहसील क्षेत्रों में देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार तेज बारिश के बीच थाना क्षेत्र अंतर्गत पेठियां गांव में खपरैलनुमा मकान की एक तरफ की कच्ची दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। परिवारीजनों के अनुसार उस समय वहां चारपाई पर सत्ती देवी (70) पत्नी जियालाल सो रही थीं। दीवार के ढहने से वह उसके मलबे में दब गईं। घरवालों की गुहार पर इर्दगिर्द के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। घरवालों ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाने का कार्य प्रारंभ किया। कुछ देर में ही महिला को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वह बेहोश हो चुकी थी। सांस चलने की उम्मीद में घरवाले उसे लेकर सीएचसी नगपुर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच जानकारी मिलते ही एसडीएम कोमल यादव व कोतवाली प्रभारी नीरज सिंह पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। एसडीएम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही जरूरी सहायता उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया। उधर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है।
कई क्षेत्रों में आवागमन की हुई मुश्किल
शुक्रवार को पूर्वाह्न बाद जलालपुर, भीटी व टांडा में हुई मूसलधार, तो जिला मुख्यालय व आलापुर तहसील क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। जिन क्षेत्रों में मूसलधार बारिश हुई, उन क्षेत्रों में जगह जगह सड़कें जलाशय में तब्दील हो गईं। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार छज्जापुर, चौक, कश्मीरिया नई बस्ती, तो जलालपुर के मंगुराडिला, नगपुर व वाजिदपुर में भी जलभराव की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ा। नाले-नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने लगा। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ीं। इसके अलावा भीटी तहसील क्षेत्र में भी मूसलधार बारिश हुई, जिससे बाजार में जलभराव उत्पन्न हो गया। भीटी तहसील क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली।
किसानों के खिले चेहरे
जिन क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, वहां के धान किसानों के चेहरे चमक उठे। भीटी के राजाराम व रामबख्श सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में धान की सिंचाई की सख्त जरूरत थी। साधन संपन्न किसान तो किसी प्रकार सिंचाई कर रहे थे, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को बारिश का ही सहारा था। शुक्रवार को हुई तेज बारिश ने उन्हें बड़ी राहत दी है। जलालपुर के किसान राजेंद्र कुमार व रविशंकर ने कहा कि यदि इसी प्रकार समय-समय पर बारिश होती रहे, तो इसका व्यापक लाभ धान की फसल को मिलेगा। अकबरपुर के किसान मंगलदेव ने कहा कि जिस तरह की बारिश होने की संभावना थी, वह नहीं हुई।