अंबेडकरनगर। विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान जिले में 4 हजार 864 मतदाताओं की संख्या कम हो गई। सभी पांच विधानसभा के सापेक्ष टांडा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 1620, जबकि कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 136 मतदाता कम हुए हैं। वर्ष 2017-18 में जिले में मतदाताओं की कुल संख्या 16 लाख 97 हजार 338 थी, जबकि 2018-19 में 1 जून से 16 जुलाई तक चले मतदाता पुनरीक्षण कार्य के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या घटकर 16 लाख 92 हजार 474 हो गई। अभियान के दौरान जिन वोटरों का नाम दो स्थानों पर दर्ज था उनका एक स्थान से हटा दिया गया। इसके अलावा मृत हो चुके लोगों व जिन युवतियों की शादी हो गई है उनका नाम भी सूची से हटा दिया गया।
मतदाता सूची में नाम बढ़ाने, घटाने व संशोधन के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 1 जून से 16 जुलाई तक विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्य चला था। इसमें कुल 2008 बीएलओ लगाए गए थे। अभियान समाप्त होने के बाद जो रिपोर्ट सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। मतदाताओं की संख्या बढ़ने की बजाए वर्ष 2017-18 के सापेक्ष कम हो गई। जिला निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक लालबहादुर ने बताया कि वर्ष 2017-18 के सापेक्ष वर्ष 2018-19 में मतदाताओं की संख्या में 4 हजार 864 कम हो गई। इसमें सबसे अधिक टांडा विधानसभा क्षेत्र में 1 हजार 620, जबकि सबसे कम कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 136 मतदाता कम हो गए हैं। इसके अलावा अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र में 1050, जलालपुर विधानसभा क्षेत्र में 1211 व आलापुर विधानसभा क्षेत्र में 847 मतदाताओं की संख्या कम हो गई। वर्ष 2017-18 में चले अभियान में जिले में मतदाताओं की कुल संख्या 16 लाख 97 हजार 338 थी, जबकि 2018-19 में चले पुनरीक्षण अभियान में मतदाताओं की संख्या घटकर 16 लाख 92 हजार 474 हो गई।
25 हजार से अधिक हैं युवा मतदाता
मतदाता पुनरीक्षण अभियान के बाद आई रिपोर्ट के अनुसार 18 से 19 वर्ष तक युवा मतदाताओं की कुल संख्या 25 हजार 590 है। कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में 6444, टांडा में 4089, आलापुर में 5056, जलालपुर में 5881 व अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र में युवा मतदाताओं की संख्या 4 हजार 120 है।
यह है विधानसभावार आंकड़ा
विधानसभा क्षेत्र 2017-18 2018-19 कम हुए मतदाता
1-कटेहरी 370864 370728 136
2-टांडा 308027 306407 1620
3-आलापुर 324883 324036 847
4-जलालपुर 386877 385666 1211
5-अकबरपुर 306687 305637 1050
01 सितंबर से फिर चलेगा विशेष अभियान
2019 लोकसभा चुनाव को देखते हुए 1 सितंबर को मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भी मतदाता सूची में नाम बढ़ाने का एक बार फिर से मौका मिलेगा। लिपिक लालबहादुर के अनुसार 1 सितंबर से 31 अक्तूबर तक दावे व आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इसमें 13 सितंबर, 10 अक्तूबर व 24 अक्तूबर को ग्रामसभा व स्थानीय निकायों पर प्रकाशित सूची का सत्यापन कराया जाएगा। 9 सितंबर, 23 सितंबर, 7 अक्तूबर, 14 अक्तूबर व 28 अक्तूबर को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथस्तर एजेंटों के साथ समस्त पदाभिहित स्थानों पर दावों व आपत्तियों पर विशेष अभियान चलेगा। 01 सितंबर से 31 अक्तूबर तक बीएलओ द्वारा छूटे नामों को घर घर अभियान चलाकर बढ़ाया जाएगा। 10 नवंबर को दावों व आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 04 जनवरी को फोटोयुक्त निर्वाचन नियमावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
कहीं मृत, तो कहीं शादी होने के चलते कटा नाम
01 जून से 16 जुलाई तक चले मतदाता पुनरीक्षण कार्य में 04 हजार 864 मतदाताओं की संख्या में कमी आई है। इसका मुख्य कारण कहीं मतदाता के मृत हो जाने या फिर युवतियों का विवाह हो जाना है। इसके अलावा एक ही मतदाता का दो-दो स्थानों पर सूची में जो नाम दर्ज था, उनमें से एक जगह हटा दिया गया। -सरदार सिंह, निर्वाचन अधिकारी