टांडा (अंबेकरनगर)। उफनाई सरयू नदी के जलस्तर में बीते दो दिनों में हुई कमी से नदी की दो धाराओं के बीच स्थित माझा कला में कटान शुरू हो गई है। कटान के चलते खेत के कटने का सिलसिला शुरू गया है। कटान गांव तक न पहुंच जाए, इसे देखते हुए दहशत में आए माझा कला कला के 18 से अधिक परिवारों ने पलायन कर ग्राम सचिवालय चिंतौरा की शरण ले ली।
शरणार्थियों को भोजन आदि को लेकर किसी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व संबधित क्षेत्र के लेखपाल की तैनाती सचिवालय में कर दी गई है। शुक्रवार को एसडीएम टांडा ने सचिवालय पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और उन्हें सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया। उधर दो दिन जलस्तर में गिरावट के बाद शुक्रवार को एक बार फिर से वृद्धि होने लगी। शुक्रवार शाम 5 बजे जलस्तर खतरे के निशान से 42 सेमी ऊपर दर्ज किया गया।
उफनाई सरयू के जलस्तर में गत दो दिनों से कमी होनी शुरू हो गई थी। जलस्तर में कमी होने के साथ ही कटान शुरू हो गई। नदी की दो जलधाराओं के बीच स्थित टांडा तहसील अंतर्गत माझा कला कटान से सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। खेतों में जहां कटान शुरू हो गई, वहीं गांव तक कटान पहुंचने की संभावना भी बढ़ गई है।
कटान शुरू होने से माझा कला के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कटान की आशंका को देखते हुए गांव के 18 से अधिक परिवारों ने ग्राम सचिवालय चिंतौरा की शरण ले ली। इसमें संतराम, राजेंद्र, नन्दू, गंगाराम, रामफेर, बलिराम, ओंकार, मुन्नालाल, कन्हई, संग्राम, शेषराम, सुग्रीव, रामतीरथ, राधेश्याम, घनश्याम, राजदेव, जवाहिर, हौसिला, बुधिराम, जयराम, राजेंद्र का परिवार शामिल है।
प्रभावित ग्रामीणों ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि जलस्तर में कमी होने से तेजी से कटान शुरू हो गई है। कहा कि कटान रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके चलते ही उन्हें परिवार समेत सचिवालय की शरण लेने को मजबूर होना पड़ा। उधर शुक्रवार को उपजिलाधिकारी पंकज सिंह ने ग्राम सचिवालय चिंतौरा पहुंचकर जायजा लिया। शरणार्थियों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
शरणार्थियों में हुआ अनाज का वितरण
कटान की संभावना के बाद ग्राम सचिवालय में शरण लेने वाले माझा कला के शरणार्थियों में शुक्रवार को ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव ने दाल, चावल, आटा, आलू, सरसों का तेल, चायपत्ती, मसाला आदि का वितरण किया। इसके अलावा चिकित्सकों की टीम ने भी शरणस्थल पर पहुंचकर शरणार्थियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। साथ ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं।
फिर बढ़ा जलस्तर
सरयू नदी के जलस्तर में बीते दो दिनों में हो रही कमीं के बाद शुक्रवार को एक बार फिर से वृद्धि शुरू हो गई। गुरुवार को देर शाम जहां जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर जलस्तर था, वहीं शुक्रवार अपराह्न 2 बजे से एक बार फिर से जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई। शाम पांच बजे जलस्तर खतरे के निशान से 42 सेमी ऊपर दर्ज किया गया।
रखी जा रही पैनी नजर
माझा कला में कटान की आशंका बढ़ी है। संबंधित गांव के ग्रामीणों ने ग्राम सचिवालय चिंतौरा में शरण ली है। उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व संबंधित क्षेत्र के लेखपाल की तैनाती ग्राम सचिवालय चिंतौरा में तैनाती की गई है। कटान पर पूरी निगाह है। उसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
-सुरेश कुमार, जिलाधिकारी