अंबेडकरनगर। सरयू नदी के जलस्तर में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी शुरू हो गई है। सोमवार देर शाम से जलस्तर में हुई वृद्धि मंगलवार शाम पांच बजे तक खतरे के निशान से 33 सेमी ऊपर 93.06 मीटर पर पहुंच गई। इससे एक बार फिर से टांडा व आलापुर तहसील अंतर्गत निकटवर्ती 12 गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
माझा उलटहवा के दो पुरवों दिलशेर का पूरा व बाबूराम का पूरा तथा आलापुर तहसील अंतर्गत बिड़हर खास गांव में बाढ़ का पानी एक बार फिर से पहुंच गया है। लगभग 600 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों के समक्ष जहां विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं, वहीं मवेशियों के चारे का संकट भी गहरा गया है। उधर तहसील स्तरीय प्रशासन ने मंगलवार को संबंधित क्षेत्र का भ्रमण कर हालात का जायजा लिया। साथ ही ग्रामीणों को सभी मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।
दो दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में कमी होने से टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र के निकटवर्ती एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। सोमवार शाम छह बजे जलस्तर 92.91 मीटर तक पहुंच गया था। देर शाम छह बजे से जलस्तर में वृद्धि होनी प्रारंभ हो गई।
मंगलवार सुबह 6 बजे जलस्तर 93.00 मीटर, दोपहर 12 बजे 93.04 मीटर, अपराह्न 2 बजे 93.05 मीटर व शाम पांच बजे जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 33 सेमी ऊपर 93.06 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से माझा उलटहवा, माझा अवसानपुर, माझा डुहिया, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा करमपुर बरसावां, माझा केवटला, माझा छज्जापुर, माझा कम्हरिया समेत लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया।
माझा उलटहवा के दिलशेर का पूरा व बाबूराम का पूरा तथा बिड़हर खास गांव में एक बार फिर से बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जिससे संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गईं। किसानों की लगभग 600 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। इससे संबंधित क्षेत्र में मवेशियों के समक्ष चारे का संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों ने संकट को देखते हुए चारे की व्यवस्था करने की मांग की। उधर, जलस्तर में वृद्धि होते ही प्रशासन ने एक बार फिर से सभी नौ बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि बाढ़ पर कड़ी निगाह बनी हुई है। कई चक्र में ग्रामीणों से मुलाकात हो चुकी है। समय रहते सभी जरूरी मदद उन्हें मिलेगी।