अंबेडकरनगर। माफिया सरगना दिलीप वर्मा द्वारा किराना व्यवसायी से रंगदारी मांगे जाने का खुलासा होने के बाद जेलों में सुरक्षा व बदमाशों की मनमानी पर अंकुश लगाने की व्यवस्था पर एक बार फिर से बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। गौरतलब है कि फैजाबाद जनपद के गोशाईगंज थाना क्षेत्र का मूलनिवासी शातिर बदमाश दिलीप वर्मा का एक गैंग है। वह माफिया सरगना के तौर पर दर्ज है। लंबे अर्से से दिलीप डरा धमकाकर रंगदारी मांगने के मामलों में लिप्त रहा है। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उसे पूर्व में फैजाबाद जेल से हटाकर अन्यत्र जेलों में भेजा गया, लेकिन तब भी मामले सामने आते रहे। इस बीच एक प्रकरण में उसे आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। वह इन दिनों बनारस जिला जेल में बंद है। बीते दिनों ही प्रदेश की जेलों की सुरक्षा तथा वहां मौजूद अपराधियों की मनमानी को लेकर बड़े सवाल खड़े हुए थे। सरकार ने इसे गंभीरता से लेने का दावा किया था। लोगों को लगा कि व्यवस्थाएं चाकचौबंद हो जाएंगी।
हालांकि अब दिलीप वर्मा द्वारा अकबरपुर नगर के एक किराना व्यवसाई से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने की घटना के बाद से जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल उठ खड़े हुए हैं। जाहिर तौर पर पुलिस की छानबीन में जेल से रंगदारी मांगे जाने की पुष्टि हुई है। इसी के चलते मामले में दिलीप वर्मा को भी नामजद किया गया है। पुलिस की छानबीन में यह भी सामने आया है कि रंगदारी मामले में जो नौ अभियुक्त गिरफ़्तार किए गए, उनमें से कई लोगों की बात टेलीफोन पर दिलीप से होती रही है। बताया जाता है कि जेल से रंगदारी मांगने के मामले को पुलिस प्रशासन ने भी अत्यंत गंभीरता से लिया है। उधर एसपी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि छानबीन में पकड़े गए लोगों ने जानकारी दी है कि दिलीप से उनकी बात होती थी और दिलीप ने ही रंगदारी मांगी थी। एसपी ने कहा कि इसके अलावा और कोई जानकारी अभी वे साझा नहीं कर सकते। आगे इस बारे में और कोई प्रगति होते ही बताया जाएगा।