अंबेडकरनगर। एक जनपद, एक उत्पादन योजना समेत अन्य योजनाओं के तहत शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में 21 लाभार्थियों को साढ़े सात करोड़ रुपये ऋण का प्रमाणपत्र सौंपा गया। जिलाधिकारी सुरेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान एक जनपद, एक उत्पादन के तहत संचालित प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंडअप इंडिया योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना समेत अन्य योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस बीच इसी योजना को लेकर राष्ट्रपति के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया।
एक जनपद, एक उत्पादन योजना समेत अन्य कई योजनाओं के तहत कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने कुल दो करोड़ रुपये ऋण वितरण का प्रमाणपत्र 6 लाभार्थियों को सौंपा। इसमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत असलम खां को पावरलूम के लिए 10 लाख रुपये, अमीर फैज को पावरलूम के लिए 2 लाख, वीके टंडन को पावरलूम के लिए 1 लाख 90 हजार, अमीरुज्जमा को पावरलूम के लिए 10 लाख रुपये, फिरोज आलम को पावरलूम के लिए 10 लाख, अब्दुल कासिम को पावरलूम के लिए 10 रुपये ऋण का प्रमाणपत्र डीएम सुरेश कुमार ने सौंपा। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत जितेंद्र कुमार को मिनी राइसमिल के लिए 25 लाख रुपये, पवन कुमार को अगरबत्ती उद्योग के लिए 10 लाख रुपये, रंजन को फ्लोर मिल के लिए 25 लाख रुपये, अर्जुन प्रसाद को प्रिंटिग प्रेस के लिए 10 लाख, बलराम गुप्ता को रेडीमेड गारमेंट के लिए 5 लाख रुपये, लालमणि मिश्र को दोना-पत्तल उत्पादन के लिए 7 लाख 75 हजार रुपये, परमेश्वर गुप्ता को लघु कला उद्योग के लिए 10 लाख रुपये, रमेश कुमार को कम्प्यूटर रिपेयरिंग के लिए 10 लाख रुपये, अंकित को फर्नीचर उद्योग के लिए 10 लाख रुपये, विकास चौधरी को टेंट हाउस के लिए 10 लाख रुपये ऋण का प्रमाणपत्र डीएम ने सौंपा।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत अवधेश कन्नौजिया को 2 लाख रुपये, सौरभ पटेल को 5 लाख, संतोष प्रजापति को 5 लाख रुपये का प्रमाणपत्र सौंपा गया। स्टैंड अप इण्डिया योजना के तहत तारावती को 12 लाख रुपये, रंजना मिश्रा को 10 लाख रुपये ऋण का प्रमाण पत्र जिलाधिकारी ने सौंपा। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद भाजपा जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन सभी योजनाओं का उन्हें बढ़ चढ़कर लाभ उठाना चाहिए। डीएम ने सभी बैंकों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पात्रों को ऋण देने में किसी प्रकार की हीलाहवाली न करें। आवेदकों को सुचारु रूप से ऋण मिल सके, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस दौरान डीडीओ मथुरा प्रसाद मिश्र, परियोजना निदेशक प्रदीप पाण्डेय समेत विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।