अंबेडकरनगर। एक निजी चिकित्सालय द्वारा रुपये न मिलने के कारण नवजात से ऑक्सीजन हटा लिए जाने का मामला सामने आया है। परिवारीजनों का आरोप है कि इससे शिशु की मौत हो गई। टांडा कोतवाली में तहरीर देकर कहा गया है कि पांच हजार रुपये न दिए जाने के कारण ऑक्सीजन से बच्चे को अलग कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
टांडा कोतवाली में दिए प्रार्थनापत्र के मुताबिक हयातगंज निवासी मोहम्मद शमीम ने कहा कि इल्तिफातगंज के एक निजी अस्पताल में उनके नवजात भांजे का जन्म हुआ था। तबियत खराब होने पर उसे टांडा नगर के एक निजी अस्पताल में ऑक्सीजन की जरूरत के लिए भर्ती कराया गया। यहां भर्ती किए जाने पर तीन हजार रुपये जमा कराए गए।
एक दिन बाद छह अगस्त को पांच हजार रुपये की मांग की गई। पैसे के प्रबंध का हवाला देते हुए मोहलत देने की उन लोगों ने मांग की। आरोप के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन पैसे की मांग पर अड़ा रहा। इस बीच रकम का इंतजाम न हो पाने के चलते परिवारीजनों ने एक दिन बाद पैसा उपलब्ध कराने को कहा, तो देर रात नवजात को ऑक्सीजन सिस्टम से अलग कर दिया गया।
शमीम ने तहरीर में कहा कि बच्चे को ऑक्सीजन से अलग कर उसकी नानी को सौंप दिया गया। इससे कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। प्रकरण में मंगलवार सुबह थाने पहुंचकर शमीम ने पुलिस से केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी रामलखन पटेल ने बताया कि प्रकरण सामने आया है। शिकायत मिली है। जांच की जा रही है। चिकित्सक का भी पक्ष जाना जाएगा। इसके बाद जांच आगे बढ़ेगी।