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आठ गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

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केदारनगर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे में तीन गुना बढ़ गया है। नदी का पानी खतरे के निशान से 37 सेमी ऊपर पहुंच गया है। इससे तटीय क्षेत्र के आठ गांवों पर बाढ़ पर खतरा मंडराने लगा है। इन गांवों के आसपास पानी भरने लगा है। खेतों व चरागाहों में पानी भरने से लगभग 10 हजार आबादी इससे प्रभावित हो गई है। नदी के जलस्तर में हो रही तेजी से वृद्धि को देखते हुए माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिन में बाढ़ का पानी गांवों में घुस जाएगा।
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उफनाई सरयू नदी के जलस्तर में बीते 24 घंटे में तेजी से वृद्धि हुई है। सोमवार को जलस्तर के सापेक्ष मंगलवार को लगभग तीन गुना बढ़ गया। सोमवार को शाम छह बजे जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.850 मीटर से 12 सेमी ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया था। निकटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब शायद जलस्तर में गिरावट हो। हालांकि सोमवार देर शाम नेपाल द्वारा सरयू नदी में छोड़े जाने व मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश ने ग्रामीणों को तगड़ा झटका दिया।

सोमवार देर शाम से ही जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो गई। इसी के चलते मंगलवार को शाम चार बजे जलस्तर लगभग तीन गुना ऊपर पहुंच गया। बाढ़ प्रखंड के अनुसार मंगलवार शाम चार बजे सरयू नदी का जलस्तर 93.100 मीटर पर पहुंच गया, जो कि खतरे के निशान से 37 सेमी ऊपर था।
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जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि से टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्रों में सरयू नदी के निकटवर्ती आठ गांवों माझा उलटहवा, माझा अवसानपुर, माझा इस्माइलपुर, माझा करमपुर बरसावां, माझा नैपुरा, माझा डुहिया, माझा मुबारकपुर व माझा कम्हरिया गांव पर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है।

इन गांवों के लगभग डेढ़ सौ बीघा चारागाह व खेत जलमग्र हो गए हैं। इससे लगभग 10 हजार आबादी प्रभावित हुई है। इस बीच जिस प्रकार से तेजी से सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि एक-दो दिन में बाढ़ का पानी निकटवर्ती गांव में घुस जाएगा। यदि ऐसा होता है, तो इससे ग्रामीणों के समक्ष बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है।

चारे का गहराया संकट
जलस्तर में हुई तेजी से वृद्धि के चलते नदी के निकटवर्ती क्षेत्रों के चारागाह पूरी तरह जलमग्र हो गए। नतीजा यह हुआ कि मवेशियों के समक्ष चारे का संकट गहरा गया। सबसे अधिक समस्या माझा उलटहवा, माझा कम्हरिया, माझा अवसानपुर व माझा डुहिया में चारे का संकट गहराया है। संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही चारे की व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले समय में चारे की बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। और तो और खेतों में पानी भर जाने से धान समेत अन्य फसलों के नुकसान होने की भी संभावना बढ़ गई है।


नहीं होने दी जाएगी समस्या
जलस्तर पर लगातार पैनी निगाह रखी जा रही है। टांडा व आलापुर तहसील के एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि यदि किसी गांव में चारे का संकट हो, तो वहां चारे की व्यवस्था तत्काल की जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। वे लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। बाढ़ का पानी गांवों के अंदर पहुंचने की संभावना के मद्देनजर प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी नाव को अलर्ट कर दिया गया है।
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- सुरेश कुमार, जिलाधिकारी
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