अंबेडकरनगर। जिले के गांवों में राजकीय नलकूप लगाने के मामले में बड़ी मनमानी सामने आई है। नलकूप खंड विभाग की लापरवाही और जनप्रतिनिधियों का दबाव इस कदर भारी पड़ा कि
शासन के निर्देश तार-तार हो गए। नतीजा यह कि सांसद हरिओम पांडेय के प्रस्ताव पर उनके खुद के खेत में, तो जिपं अध्यक्ष मिंटू सिंह के प्रस्ताव पर उनके पिता के खेत में ही नलकूप लगाने का निर्णय ले लिया गया। ऐसे ही कई अन्य गांवों में भी जनप्रतिनिधियों के नजदीकियों तथा प्रभावशाली लोगों के खेत में ही नलकूप लगाने को मंजूरी दे दी गई।
गौरतलब है कि बीते दिनों शासन ने एक क्यूसेक क्षमता के 50 हेक्टेअर कमांड वाले नलकूपों की स्थापना का निर्देश दिया था। इस क्रम में जिले में कुल 26 नलकूप लगाए जाने को मंजूरी दी गई। डा. राममनोहर लोहिया नलकूप परियोजना के तहत जिले में पहले 20 नलकूपों की स्थापना का निर्णय हुआ। इसके बाद 6 अन्य नलकूपों की स्थापना को मंजूरी दी गई। इन नलकूपों की स्थापना करने के लिए शासन ने जो नियमावली बनाई है उसकी धज्जियां उड़ा दी गईं। नतीजा यह हुआ कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव को शासनादेश जैसा मानकर नलकूपों की स्थापना का काम शुरू कर दिया गया।
यहां लगेंगे नलकूप
सांसद हरिओम पाण्डेय के प्रस्ताव पर भीटी विकास खण्ड के वीरसिंहपुर सरैया स्थित उनके खेत में ही राजकीय नलकूप संख्या 466एजी को लगाए जाने की हरी झण्डी दे दी गई। इसी तरह जिला पंचायत अध्यक्ष मिंटू सिंह के प्रस्ताव पर उनके पिता अंबिका सिंह के भीटी ब्लाक के काछासारा पट्टी गांव स्थित खेत में ही राजकीय नलकूप संख्या 468एजी को लगाए जाने की अनुमति मिल गई। शिक्षक एमएलसी देवेंद्र सिंह के प्रस्ताव पर जलालपुर के साईसमसपुर निवासी जिन अमरनाथ सिंह के खेत में नलकूप लग रहा है वे एक विद्यालय के प्रबंधक हैं। भीटी तहसील के मानिकपुर में जिन परमहंस के खेत में राजकीय नलकूप लग रहा उनके पुत्र अरुण कुमार सिंह माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष हैं। अकबरपुर के बेलउवा बरियारपुर में पारसनाथ सिंह के खेत में राजकीय नलकूप लगाया जा रहा। उनकी पहचान समूचे अकबरपुर ब्लाक में सहकारिता की राजनीति से जुड़े बड़े नाम के तौर पर होती है। भियांव ब्लाक के रतना गांव निवासी राजपति सिंह कांग्रेस के जिलास्तरीय वरिष्ठ नेता हैं जिनके खेत में यह नलकूप लगने जा रहा है। विभिन्न जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर कई अन्य लोगों के भी खेतों में इसी तरह बिना किसी प्रस्ताव के राजकीय नलकूप लगाने की हरी झण्डी दे दी गई।
ग्राम प्रधानों को जानकारी तक नहीं
अमर उजाला ने हकीकत जानने के लिए अलग अलग ब्लाक के आधा दर्जन से अधिक संबंधित गांवों के प्रधानों से फोन पर बात की तो इन सभी लोगों ने किसी प्रकार का प्रस्ताव मांगे जाने या फिर नलकूप लगाए जाने की जानकारी से इंकार किया। काछासारा पट्टी से जुड़े ग्राम प्रधान भानुप्रकाश वर्मा ने बताया कि ग्राम समाज में भूमि उपलब्ध है। उनसे कोई प्रस्ताव नहीं मांगा गया। मानिकपुर के ग्राम प्रधान करिया ने बताया कि उन्हें तो नलकूप लगने की जानकारी तब हो पाई, जब बोरिंग का काम शुरू हो गया। हाजीपुर गांव से जुड़ी ग्राम पंचायत लखनडीह के ग्राम प्रधान चंद्रभूषण यादव और साईं समसपुर ग्राम प्रधान, रतना ग्राम प्रधान व वेरमा के ग्राम प्रधानों ने भी राजकीय नलकूप लगाए जाने को लेकर किसी भी प्रकार की चर्चा या प्रस्ताव आदि मांगे जाने से इंकार किया।
यह है शासनादेश
शासन का निर्देश है कि एक क्यूसेक क्षमता के नलकूप 50 हेक्टेअर कमांड एरिया क्षेत्र में लगाए जाएंगे। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव, ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव तथा किसानों के सामूहिक प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे। इन प्रस्तावों को एक स्थाई रजिस्टर पर नलकूप विभाग के अधिशाषी अभियंता द्वारा अधिलिखित किया जाएगा। इसके बाद ही जिला नलकूप स्थल चयन समिति जरूरी निर्णय लेगी।
नियमानुसार दिए गए प्रस्ताव
सांसद हरिओम पाण्डेय ने कहा कि नलकूप लगाने को लेकर उन्होंने कई प्रस्ताव अलग अलग क्षेत्रों के लिए दिए हैं। इसमें से एक वीरसिंह सरैया का भी है। इन नलकूपों के लगने का लाभ क्षेत्र की जनता को प्राप्त होगा। यही इसका मूल उद्देश्य है। प्रस्ताव तो नियमानुसार ही दिए गए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष मिंटू सिंह ने कहा कि नलकूप खण्ड के आग्रह पर जनप्रतिनिधि की हैसियत से प्रस्ताव दिए गए थे। उनमें से ही नियमानुसार मंजूरी दी गई है।
राजकीय नलकूपों को लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसमें शासनादेश का पालन कराया जा रहा है। किसी भी प्रकार के नियम का उल्लंघन नहीं हुआ है। नलकूप लगने का लाभ क्षेत्र के सभी किसानों को प्राप्त होगा। -कमलेश कुमार, अधिशाषी अभियंता नलकूप खण्ड