अंबेडकरनगर। जिले के 2 हजार 562 पात्रों के लिए खुशखबरी है। शीघ्र ही उनका पक्के आवास में रहने का सपना पूरा होने जा रहा है। प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत वर्ष 2018-19 में चयनित पात्रों के खाते में प्रथम किस्त के तौर पर लगभग सवा दस करोड़ की राशि भेज दी गई है। आवासों का निर्माण तेजी से सुनिश्चित हो, इसके लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पक्के आवास में रहने का सपना पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवासीय योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत पक्के आवास निर्माण के लिए चयनित पात्र के खाते में 1 लाख 20 हजार रुपये उपलब्ध कराया जाता है। यह राशि तीन किस्तों में भेजी जाती है। विकासखंड व जिलास्तरीय सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्रों के खाते में प्रथम किस्त की राशि 40 हजार रुपये भेजी जाती है। इसका उपभोग प्रमाणपत्र देने के बाद 70 हजार की दूसरी किस्त, जबकि बाद में 10 हजार रुपये की तृतीय किस्त की राशि दिए जाने का प्राविधान है।
ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार योजना के तहत वर्ष 2018-19 में कुल 2 हजार 562 पात्रों का चयन किया गया। ब्लॉक व जिलास्तरीय सत्यापन के बाद सभी पात्र पाए गए। इसके बाद शासन से गत दिवस आवास निर्माण के लिए आवश्यक राशि विभाग को उपलब्ध हो गई। इसके बाद विभाग ने पात्रों के खाते में प्रथम किस्त की धनराशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार 40 हजार रुपये की दर से कुल 10 करोड़ 24 लाख 80 हजार रुपये की धनराशि पात्रों के खाते में भेज दी है। प्रथम किस्त का उपभोग प्रमाणपत्र मिलने के बाद दूसरी किस्त की भी धनराशि पात्रों के खाते में भेजी जाएगी।
राशि मिलने से बढ़ी उम्मीद
अकबरपुर विकास खंड के उमेश राजभर ने कहा कि पक्के आवास में रहने का सपना बहुत पहले से उन्होंने संजो रखा था। जब पात्रता सूची में उनका नाम आया, तो उम्मीद बढ़ी कि अब उनका यह सपना पूरा होगा। अब जबकि प्रथम किस्त की धनराशि खाते में आ गई है, तो उन्हें खुशी का ठिकाना नहीं है। भीटी विकास खंड के मितई सोनकर ने कहा कि सरकार ने उनका पक्के आवास में रहने का सपना पूरा कर दिया है। पात्रता सूची में नाम आ ही गया है, तो शीघ्र ही उनका पक्के आवास में रहने का सपना पूरा हो ही जाएगा।
पात्रों के खाते में भेजी गई राशि
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना के तहत चयनित 2562 पात्रों के खाते में 40 हजार रुपये की प्रथम किस्त की दर से 10 करोड़ 24 लाख 80 हजार रुपये भेज दिए गए हैं। -प्रदीप पांडेय, परियोजना निदेशक