अंबेडकरनगर। ग्रेड पे बढ़ाए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे लेखपालों ने उग्र आंदोलन छेड़े जाने की चेतावनी दी है। कहा गया कि जायज मांग को लेकर लेखपाल अपने हक की मांग कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी उनकी आवाज को दबाव बनाकर दबाने की कोशिश की जा रही है। कहा कि शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिलाध्यक्ष व मंत्री समेत 11 लेखपालों को निलंबित कर दिया। चाहे जितनी कार्रवाई कर ली जाए, लेकिन अब वे अपने कदम पीछे हटाने वाले नहीं हैं। चेतावनी दी गई कि यदि मंगलवार शाम तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तो बुधवार को एडीएम का घेराव किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट के पास आयोजित धरने में जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे ने प्रदेश सरकार पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जायज मांग को लेकर आंदोलन कर रहे लेखपालों को निलंबित किया जा रहा है। ऐसा कर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। लेखपाल किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं। सभी लेखपालों को ही क्यों न निलंबित कर दें, लेकिन हक की मांग को लेकर जो संघर्ष छेड़ा गया है, उससे अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। मंत्री रामकेश वर्मा व तहसील अध्यक्ष अमजद अली ने कहा कि ग्रेड पे 2800 रुपये किए जाने व वेतन विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर सरकार तनिक भी गंभीर नहीं हो रही है। इससे लेखपालों का हक मारा जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि लेखपालों को हाइटेक किए जाने की घोषणा प्रदेश सरकार ने की थी। इसके लिए सभी लेखपालों को स्मार्ट फोन व लैपटॉप दिया जाना था। यह अब तक नहीं हो सका है। लंबे समय से मांग के बावजूद लेखपालों को बाइक भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है। इन सब मांग को लेकर लेखपाल आवाज बुलंद कर रहे हैं, तो उनकी आवाज को दबाव बनाकर दबाया जा रहा है। तय किया गया कि यदि मंगलवार शाम तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो बुधवार को एडीएम का घेराव किया जाएगा। इस दौरान रामनरायन, रामजीत, प्रमोद सिंह, इरफान अहमद, अजय त्यागी, घनश्याम वर्मा, प्रमोद सिंह, प्रदीप दुबे आदि मौजूद रहे।