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एक पखवारे में मिलने लगेगा मरीजों को नई नेवादा पीएचसी का लाभ्

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अंबेडकरनगर। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 10 शैय्या वाले पीएचसी नेवादा का लाभ अति शीघ्र क्षेत्र के मरीजों व उनके तीमारदारों को मिलने लगेगा। निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। विद्युत कनेक्शन के बाद इसका संचालन प्रारंभ हो जाएगा। उम्मीद है कि एक पखवारे में इसका लाभ मरीजों व उनके तीमारदारों को मिलने लगेगा। पीएचसी नेवादा के संचालन से क्षेत्र की लगभग 30 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। उन्हें बेहतर इलाज के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
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मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सके, इसके लिए वर्ष 2014-15 में जलालपुर तहसील अंतर्गत नेवादा में 10 शैय्या के पीएचसी के निर्माण को शासन ने हरी झंडी प्रदान कर दी। 1 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले इस पीएचसी के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को सौंपा गया। मार्च 2017 में निर्माण कार्य पूर्ण हो सके, इसके लिए शासन से कार्यदायी संस्था को आवश्यक राशि भी उपलब्ध करा दी गई। निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ, तो इसके निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायतें भी सामने आने लगीं। यह अलग बात है कि इन शिकायतों को कभी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया।
इस बीच गत दिवस पीएचसी का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया। फिनिशिंग के बाद तकनीकी जांच टीम ने पहुंचकर निर्माण का जायजा लिया। सब कुछ ओके पाए जाने के बाद अब विद्युत कनेक्शन का कार्य प्रारंभ हो गया है। कनेक्शन के लिए धन की कमी न हो, इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन को शासन से आवश्यक राशि भी उपलब्ध करा दी गई। राशि उपलब्ध होते ही पावर कॉर्पोरेशन ने आवश्यक कार्य भी प्रारंभ कर दिया। उम्मीद है कि एक पखवारा के अंदर विद्युत कनेक्शन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद अस्पताल का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। पीएचसी के संचालन से क्षेत्र की लगभग 30 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। मरीजों को इलाज के लिए दूरदराज के अस्पतालों तक की दौड़ लगाने से राहत मिलेगी।
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जांच की आंच झेल रहे दो अस्पताल
जिला अस्पताल में 19 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से 100 बेड का मैटरनिटी विंग, जबकि जलालपुर में 2 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से 30 बेड का मैटरनिटी विंग बनकर तैयार है। जिला अस्पताल के मैटरनिटी विंग के निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम, जबकि जलालपुर में मैटरनिटी विंग के निर्माण की जिम्मेदारी प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन को दी गई थी। निर्माण में लगातार मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए गत दिवस जनपद दौरे पर आए प्रमुख सचिव विशेष प्रशासन डॉ. हरिओम ने बैठक के बाद जलालपुर में निर्मित मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया था। बाद में दोनों अस्पतालों की तकनीकी टीम से जांच कराने का निर्देश दिया था। बीती 5 जून को जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने जिला अस्पताल के मैटरनिटी विंग की जांच अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, जबकि जलालपुर के मैटरनिटी विंग की जांच तीन सदस्यीय टीम अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, अधिशासी अभियंता आरईएस व अधिशासी अभियंता डूडा को सौंपी। साथ ही जांच कर अविलंब जांच रिपोर्ट उपलब्ध करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी के तमाम दिशा निर्देश के बावजूद अब तक जांच ही प्रारंभ नहीं हो सकी है। इससे इन दोनों अस्पतालों का संचालन प्रारंभ नहीं हो पा रहा है।

शीघ्र शुरू होगा संचालन
पीएचसी नेवादा का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। विद्युत कनेक्शन का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके बाद शीघ्र ही अस्पताल का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। -डॉ. सालिकराम पासवान, प्रभारी सीएमओ
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