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बगैर मान्यता के चल रहे नर्सरी से इंटर तक के 211 विद्यालय

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अंबेडकरनगर। शासन के तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद नर्सरी से लेकर इंटर तक के 211 विद्यालय बिना मान्यता के चल रहे हैं। ऐसे विद्यालयों को नोटिस दिए जाने के बाद भी उनके विरुद्ध अब तक कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इससे इन विद्यालयों में पढ़ रहे लगभग 40 हजार छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ किया जा रहा है। अधिकारियों ने फिर वही दावा दोहराया है कि जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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गौरतलब है कि शासन द्वारा लगातार निर्देश दिया जा रहा है कि बगैर मान्यता के चल रहे विद्यालयों पर सख्ती की जाए। ऐसे विद्यालयों को न सिर्फ बंद कराया जाए, वरन केस भी दर्ज कराए जाएं। इसके बावजूद इन निर्देशों का पालन कराने की सुध जिले में माध्यमिक या फिर बेसिक शिक्षा विभाग को नहीं है। नर्सरी से लेकर कक्षा आठ तक के जिन विद्यालयों के नियंत्रण की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है, वह सर्वाधिक लापरवाह है। इसी श्रेणी के विद्यालय सबसे ज्यादा नियम कानून को ताक पर रखकर चल रहे हैं। कुल 156 ऐसे विद्यालय हैं, जिन्हें मान्यता नहीं है। नया शिक्षासत्र शुरू होने पर ऐसे विद्यालयों को नोटिस दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद न तो उन्हें बंद कराया जा सका और न ही उनके प्रबंधन के विरुद्ध केस दर्ज कराया गया है। उधर माध्यमिक स्तर के कुल 55 विद्यालय ऐसे बीते दिनों सामने आए थे। ऐसे विद्यालयों को भी सिर्फ नोटिस व चेतावनी देने तक ही कार्रवाई सीमित है।
ऐसे कुल 211 विद्यालयों के विरुद्ध कोई कार्रवाई न होने का सीधा खामियाजा इन विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 40 हजार छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ सकता है। कारण यह कि समय रहते विद्यालय बंद न हुए, तो बाद में विद्यालय बंद होने पर निश्चित तौर पर ऐसे सभी छात्र छात्राओं को मुश्किल हालात का सामना करना पड़ेगा। बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालयों पर कार्रवाई के लिए जल्द ही राजस्व व पुलिस टीम के साथ छापेमारी कराई जाएगी। गड़बड़ी वाले विद्यालयों को लेकर केस भी दर्ज होगा। डीआईओएस विनोद सिंह ने कहा कि वे स्वयं इसी सप्ताह ऐसे विद्यालयों का जायजा लेंगे, जो मान्यता प्राप्त नहीं हैं। ऐसे विद्यालयों को बंद कराया जाएगा।
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