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प्रमाण पत्रों के लिए भटक रहे 22 हजार आवेदक
लेखपालों की हड़ताल के चलते नहीं बन पा रहे आय, जाति व निवास सर्टिफिकेट
प्रमाण पत्र न मिलने से प्रवेश के लिए छात्र-छात्राएं परेशान
अंबेडकरनगर। लेखपालों की हड़ताल से जिले की विभिन्न तहसीलों में आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र के लिए करीब 22 हजार आवेदन लटके पड़े हैं। इसका सबसे ज्यादा असर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उन छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है, जिन्हें प्रवेश के लिए इन प्रमाण पत्रों की सख्त जरूरत है। लेखपालों के हड़ताल पर चले जाने से प्रमाण पत्रों पर रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। वहीं, विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए वे पात्र भी लगातार परेशान हैं, जिन्हें इन प्रमाण पत्रों की जरूरत बनी हुई है। प्रतिदिन तहसीलों का चक्कर लगा रहे लोग मायूस होकर लौट रहे हैं।
विभिन्न मांगों को लेकर जिले की सभी तहसीलों में कार्यरत लेखपाल हड़ताल पर हैं, जिससे विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र का निर्गत होना ठप हो गया है। बीती 25 जून से चल रही लेखपालों की हड़ताल ने उन लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिन्हें आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र की जरूरत है। दरअसल इन प्रमाण पत्रों को प्राप्त करने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना होता है। संबंधित लोगों द्वारा ऐसे आवेदन जनसेवा केंद्रों से कर तो दिए गए हैं, लेकिन लेखपालों की रिपोर्ट न लग पाने से ऐसे सभी आवेदन लटके पड़े हैं। जून के अंत तक हड़ताल समाप्त हो जाने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा न हो पाने के चलते अब आवेदकों की मुश्किल बढ़ने लगी हैं। तहसीलों में भी रिपोर्ट लगाने के लिए आवेदनों का ढेर बढ़ता जा रहा है।
लेखपालों की हड़ताल के चलते तहसील के राजस्व कामकाज ठप पड़े हुए हैं। छात्र-छात्राओं को आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए भी भटकना पड़ रहा है। करीब एक पखवारे से आंदोलित लेखपालों की हड़ताल से आम जनमानस के साथ ही छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वाधिक अकबरपुर तहसील में आय, जाति व निवास के 5672 आवेदन लंबित हैं, जबकि जलालपुर में 5 हजार 95 आवेदन पत्र पड़े हुए हैं। टांडा में 4640 तो आलापुर में 3715 आवेदनों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। भीटी तहसील में 2477 आवेदन पत्र आय, जाति व निवास के लिए लंबित हैं। जलालपुर प्रतिनिधि के मुताबिक तहसील में प्रतिदिन बड़ी तादाद में लोग पहुंचकर निराश हो रहे हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों से लगातार मिन्नतें की जा रही हैं, मगर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।
इंसेट
प्रशासन जल्द करे वैकल्पिक प्रबंध
अकबरपुर तहसील में आए चंदनपुर के रामतीरथ चौहान ने बताया कि वह एक सप्ताह से चक्कर काट रहा है। उसे अपनी खतौनी से जुड़ी जानकारी करनी है। परंतु लेखपालों की हड़ताल के चलते उनका काम नहीं हो पा रहा है। कोटवा महमदपुर के गंगाराम ने बताया कि आय व जाति प्रमाण के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं लग पायी है। कोई कुछ बताने वाला भी नहीं है। जलालपुर तहसील क्षेत्र के कन्नूपुर निवासी छात्र शत्रुघ्न ने बताया कि पखवारे भर पूर्व आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया है। उन्हें बीएससी प्रथम वर्ष में प्रवेश कराना है। संबंधित प्रमाण पत्र के न मिल पाने के चलते छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं हो पा रहा है। यहीं मिले जलालपुर निवासी सोहन ने बताया कि 14 दिन पहले आय, जाति व निवास के लिए आवेदन करने के बावजूद अब तक पता नहीं चल पा रहा है कि कब तक यह प्रमाण पत्र मिलेंगे। भीटी के छात्र शिवम वर्मा व हिमांश गुप्त भी प्रमाण पत्र के लिए तहसील परिसर में भटकते मिले। बताया कि उन्हें इलाहाबाद में प्रवेश लेना है, परंतु संबंधित प्रमाण पत्र के न मिल पाने के चलते विलंब हो रहा है। इसी तरह टांडा के सुनील कुमार व मानवेंद्र व आलापुर के प्रफुल्ल यादव व मनीष आदि भी प्रमाण पत्र न पाने से भटक रहे हैं। छात्रों का कहना है कि प्रशासन को प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए वैकल्पिक प्रबंध करना चाहिए।
वर्जन
जल्द दिलाए जाएंगे प्रमाण पत्र
लेखपालों की हड़ताल से कार्य पर असर पड़ा है। कुछ आवेदन पत्र लंबित हैं। मामला संज्ञान में है। कोशिश की जा रही है कि इन प्रमाण पत्रों पर रिपोर्ट लगवाकर उसे जल्द से जल्द निर्गत कराया जाए।
- गिरिजेश त्यागी, अपर जिलाधिकारी