फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जल स्तर बढ़ने पर कम्हरियाघाट पीपा पुल पर रोका गया आवागमन

विज्ञापन
विज्ञापन
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। निविदा आमंत्रित करने के बावजूद नाव संचालक ठेकेदारों द्वारा टेंडर न डाले जाने के चलते शुक्रवार से सरयू नदी के कम्हरियाघाट व बेलघाट से संपर्क टूट गया। कारण यह कि सरयू नदी में जल स्तर बढ़ने पर लोक निर्माण विभाग दोनों घाटों के बीच बने पीपे पुल से आवागमन रोक दिया गया। एहतियातन 15 जून से 15 अक्तूबर तक लोगों को यहां नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है। इसके लिए प्रत्येक वर्ष पीडल्ब्लूडी प्रांतीय खंड गोरखपुर द्वारा प्रत्येक वर्ष चार माह की अवधि में दो नाव संचालन के लिए निविदा निकाली जाती है। इस बार भी विभाग द्वारा दो बार निविदा निकाली गई, लेकिन किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला। शुक्रवार को पीपे पुल से आवागमन रोके जाने के बाद के सैकड़ों राहगीरों को 50 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ा। यदि जल्द ही नाव की व्यवस्था नहीं की गई तो लगभग 50 हजार आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन

गौरतलब है कि पवित्र सरयू नदी आलापुर तहसील क्षेत्र से भी होकर गुजरती है। अंबेडकरनगर व गोरखपुर को सीधा जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग गोरखपुर द्वारा अंबेडकरनगर के कम्हरियाघाट व गोरखपुर जनपद के बेलघाट के बीच पीपे का पुल बनाया गया है। नदी में जल स्तर कम होने पर 8 माह लोग इसी पीपे के पुल से आवागमन करते हैं। परंतु जलस्तर बढ़ने पर लोक निर्माण विभाग किसी अनहोनी से बचने के लिए 15 जून से 15 अक्तूबर तक इस पीपे के पुल से आवागमन रोक देता है। जल स्तर अधिक होने पर चार माह तक नदी में टेंडर पर दो नाव संचालन का प्रबंध किया जाता है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग गोरखपुर निविदा निकालता है, और ठेकेदारों के माध्यम से नाव का संचालन होता है। सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक नदी के दोनों छोर पर एक एक नाव मौजूद रहती है, जो एक छोर से दूसरे छोर पर पहुंचाती है।
परन्तु इस बार विभाग दो बार निविदा आमंत्रित की गई, लेकिन किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला। 15 जून शुक्रवार से लोक निर्माण विभाग ने पीपा पुल से जल स्तर बढ़ने का हवाला देते हुए आवागमन रोक दिया। एहतियातन बेलघाट की तरफ से तीन पीपे को भी हटा दिया गया, जिससे कोई यात्री इस पार से उस पार जाने की कोशिश न करे। विभाग के इस निर्णय के बाद शुक्रवार को एक तरफ से दूसरे तरफ जाने के लिए पहुंचे राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। काफी देर तक नाव का इंतजार किया, लेकिन जब कोई उम्मीद नहीं दिखी तो लौटने को विवश हुए। गोरखपुर जाने के लिए कम्हरियाघाट पहुंच रापटपुर के रमाकांत, इसी गांव की लक्षिया, बेलघाट निवासी सौरभ, अनमोल व रामदिवाकर व द्रोपदी आदि कहना है कि टेंडर होने तक प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था के बीच पीपा पुल से आवागमन बहाल रखना चाहिए। कहा कि यदि ऐसा न किया गया तो प्रतिदिन लोगों को 40 से 50 किलोमीटर अधिक दूरी तय कर बिड़हरघाट या फिर अन्य मार्गों से होकर जाने को विवश होना पड़ेगा।
विज्ञापन


आम यात्रियों के अलावा दो दर्जन गांवों पर सीधा असर
कम्हरिया व बेलघाट के पीपा पुल से आवागमन बाधित होने से कम्हरियाघाट, नरगड़ा, चाड़ीपुर, मांझा कम्हरिया, मांझा उल्टहवा समेत करीब एक दर्जन गांव आलापुर तहसील क्षेत्र व इतनी ही संख्या में गोरखपुर जनपद के ग्रामीणों का आवागमन बाधित होगा। मांझा क्षेत्र के इन गांवों के ग्रामीण लगभग प्रतिदिन नदी से इस पार से उस पार तक का आवागमन करते हैं। इस मार्ग से अंबेडकरनगर के अलावा सुल्तानपुर, फैजाबाद के लोग भी गोरखपुर व आजमगढ़ के लिए जाते हैं। इस मार्ग से होकर जाने पर काफी कम दूरी तय करनी पड़ती है।

पुन: आमंत्रित की गई है निविदा
दोनों घाटों के बीच पुल से आवागमन बाधित रहने के दौरान नाव चलाने के लिए पूर्व में निविदा निकाली गई थी, लेकिन किसी ने टेंडर नहीं डाला। पुन: निविदा आमंत्रित की गई है। नाव के संचालन की व्यवस्था जल्द ही सुनिश्चित करायी जाएगी। फिलहाल निर्धारित शर्त के अनुसार पीपा पुल से आवागमन रोक दिया गया है। -गौरव श्रीवास्तव, जेई पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड गोरखपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें