जलालपुर (अंबेडकरनगर)। थाना अंतर्गत मथरा रसूलपुर गांव में अपहृत कर लाई गई किशोरी व आरोपी को पकड़ने गई राजस्थान व जलालपुर पुलिस टीम को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीण युवक व किशोरी को ले जाने में बाधक बनकर खड़े हो गए। इस पर जलालपुर थाने से पहुंची फोर्स ने ग्रामीणों पर बल प्रयोग कर उन्हें तितर-बितर किया। इसके बाद पुलिस दोनों को थाने ले जा पाई।
रविवार सुबह राजस्थान पुलिस टीम जलालपुर थाने पहुंची। बताया गया कि जलालपुर थाना अंतर्गत मथरा रसूलपुर गांव निवासी विकास पुत्र छोटेलाल गत दिवस राजस्थान से एक किशोरी को अपहृत कर लाया है। इस पर जलालपुर पुलिस के साथ राजस्थान पुलिस टीम गांव पहुंची। किशोरी ने पुलिस के साथ जाने से इंकार कर दिया तो पुलिस आरोपी व किशोरी को जबरन ले जाने का प्रयास करने लगी। इस पर आरोपी युवक ने गुहार लगा दी। कुछ ही देर में आसपास मौजूद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए और दोनों को ले जाने का विरोध करने लगे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वे कुछ भी मानने को तैयार नहीं हुए। ग्रामीणों का कहना था कि जब किशोरी जाने को तैयार नहीं है तो जबरन क्यों ले जाया जा रहा है।
इस पर ग्रामीणों व पुलिस टीम के बीच कहासुनी शुरू हो गई। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते सूचना जलालपुर थाने को दी गई जहां से कोतवाली प्रभारी रामलखन पटेल फोर्स के साथ गांव पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने इसके बाद ग्रामीणों पर बल प्रयोग कर तितर-बितर किया। साथ ही आरोपी युवक व किशोरी को पहले जलालपुर कोतवाली लाया गया। इसके बाद राजस्थान पुलिस दोनों को लेकर राजस्थान चली गई। उधर कोतवाली प्रभारी रामलखन पटेल ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध की सूचना पर वे फोर्स के साथ गांव गए थे। बाद में ग्रामीणों को समझाया गया और दोनों को थाने ले आया गया। उन्होंने ग्रामीणों पर बल प्रयोग किए जाने से इन्कार किया है।