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बर्न यूनिट में ही खराब पड़े सभी चार एसी, बढ़ी मरीजों की मुश्किल

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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में स्थापित 15 बेड के बर्न यूनिट को मौजूदा समय में खुद ही इलाज की दरकार है। यहां भर्ती आग से झुलसे मरीजों के लिए स्थापित वाटर कूलर लंबे समय से खराब पड़ा है। इसे ठीक कराने की सुध नहीं है। इससे तीमारदारों को शुद्ध एवं शीतल पेयजल के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। और तो और यूनिट में लगे चार एसी भी नहीं काम कर रहे हैं। ऐसे में भीषण गर्मी में यहां भर्ती मरीजों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड में लगे सीलिंग फैन का भी समुचित लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा। इससे तीमारदारों को हाथ के पंखे का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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आग व अन्य कारणों से झुलसे मरीजों के लिए जिला अस्पताल में बर्न यूनिट की स्थापना है। मरीजों की सुविधा के लिए यहां न सिर्फ एक वाटर कूलर स्थापित है, बल्कि चार एसी भी लगे हैं। मरीजों के हित को देखते हुए सभी एसी को गर्मी के मौसम में 24 घंटे तक चलाए जाने का प्राविधान है। 15 बेड वाले इस यूनिट की समुचित साफ-सफाई का भी निर्देश है। तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद यहां भर्ती मरीजों को समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यूनिट में लगा एकमात्र वाटर कूलर लंबे समय से खराब चल रहा है। इसे ठीक कराए जाने के लिए कई बार तीमारदारों ने जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन इसे लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। नतीजा यह है कि तीमारदारों को शुद्ध व शीतल पेयजल के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।
लापरवाही की हद यह कि वार्ड में चार एसी तो लगे हैं, लेकिन लगभग डेढ़ माह से खराब पड़े हैं। एसी न चलने से भीषण गर्मी में मरीजों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड में छत के पंखे तो लगे हैं, लेकिन भीषण गर्मी में वह नाकाफी साबित हो रहे हैं। इसके चलते मरीजों को राहत दिलाने के लिए तीमारदारों को हाथ के पंखे का सहारा लेना पड़ रहा है। वार्ड में साफ सफाई भी समुचित नहीं है। जगह जगह गंदगी पसरी हुई है।
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शिकायत के बाद भी नहीं उठाया जा रहा कदम
तीमारदार महेश ने कहा कि वे दो दिन से अपने मरीज के साथ यहां हैं। इस भीषण गर्मी में एसी न चलने से वे तो किसी प्रकार समय गुजार रहे हैं, लेकिन आग से झुलसे मरीज को व्यापक मुश्किल हो रही है। एसी चलाए जाने के लिए कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है। कलावती ने कहा कि एसी तो चल नहीं रहा, उस पर से वाटर कूलर भी खराब पड़ा है। इससे शुद्ध पेयजल के लिए उन्हें अस्पताल के बाहर तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। बबिता व अनुराग ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक तो आग से झुलस मरीज पहले से ही मुश्किल में रहता है, उस पर से एसी न चलने से भीषण गर्मी में और भी मुश्किल हो रही है। पंखा तो चलता है, लेकिन उससे गर्म हवाएं निकलती हैं। हाथ के पंखे से राहत देने की कोशिश की जाती है।

एसी ठीक कराने को चल रही प्रक्रिया
एसी ठीक करवाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही उसे दुरुस्त करवा दिया जाएगा। मरीजों की अन्य सुविधाओं का ध्यान स्थानीय स्तर पर अच्छे से रखा जा रहा है। -डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस
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