अंबेडकरनगर। पहले से बनी सड़कों को ही दूसरी योजना में शामिल कराकर करोड़ों रुपये हड़पने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। लगभग डेढ़ वर्ष पहले सवा दो करोड़ की लागत से भीटी में बने एक पिच मार्ग के लिए 6 करोड़ अवमुक्त करा लिए गए। सड़क का निर्माण पहले प्रदेश सरकार की योजना से हुआ था, जबकि दोबारा उसके निर्माण के लिए धनराशि केंद्र सरकार से निर्गत करा ली गई। इसमें भी यह संयोग बड़े सवालों के घेरे में है कि सड़क निर्माण का जिम्मा इस बार भी उसी ठेकेदार को मिला, जिसने पहले मार्ग का निर्माण कराया था। केंद्र सरकार से मिली धनराशि का वारा न्यारा करने के लिए काम भी शुरू करा दिया गया। हालांकि मामला जनप्रतिनिधियों की पकड़ में आने के बाद पीडब्लूडी महकमे को यह काम रोकवा देना पड़ा। शासन में हुई शिकायत के बाद मामले की जांच मुख्य अभियंता फैजाबाद ने शुरू कर दी है।
मार्ग निर्माण के नाम पर जिले में चल रहे भ्रष्टाचार के खेल का बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जाता है कि भीटी तहसील के बिकवाजीतपुर से नरायनपुर तक लगभग दस किलोमीटर लंबे मार्ग निर्माण के लिए ग्रामीण लंबे समय से आंदोलित थे। सांसद हरिओम पांडेय ने मार्ग निर्माण के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। इसी बीच विधानसभा चुनाव नजदीक आ गया। मतदाताओं को खुश करने के लिए तत्कालीन कटेहरी विधायक ने केंद्र सरकार की किसी घोषणा से पहले इस मार्ग का निर्माण नाबार्ड योजना के तहत प्रदेश सरकार से स्वीकृत करा दिया। लगभग सवा दो करोड़ की लागत से लगभग तीन मीटर चौड़े इस मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने किया।
इसी बीच पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव के तहत केंद्र सरकार ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू की तो इस तथ्य को दबा लिया गया कि मार्ग का निर्माण राज्य सरकार की योजना से हो चुका है। केंद्र ने इसके बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण के लिए लगभग 6 करोड़ की राशि मंजूर कर निर्गत कर दिया। अधिकारियों व सफेदपोशों ने इसके बाद मिलकर करोड़ों की राशि डकारने का पूरा खाका तैयार कर लिया। नियमानुसार धनराशि वापस करने की बजाय उस पर काम भी शुरू करा दिया गया।
दो बार टेंडर पर उठे सवाल
केंद्र सरकार से धनराशि निर्गत होने के बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों ने निर्माण के लिए बीते दिनों टेंडर आमंत्रित किया। बताया जाता है कि इसे कैंसिल कर दिया गया। इसके बाद दोबारा फिर से टेंडर आमंत्रित हुआ। इस बार के टेंडर से चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। मिलीभगत को उजागर करने वाला तथ्य यह कि जिस ठेकेदार ने पहले इस सड़क का निर्माण कराया था, उसी ठेकेदार को ही दूसरी बार भी इसी सड़क का निर्माण करने का मौका मिल गया।
धन हड़पने की दिखी हड़बड़ी
राज्य सरकार की योजना से सड़क का निर्माण तीन मीटर चौड़ा हुआ था। केंद्र सरकार की योजना में 3.75 मीटर सड़क की चौड़ाई स्वीकृत हुई थी। तीन मीटर चौड़ाई का पूरा पैसा हड़पने की कोशिश में आननफानन में तीन मीटर के बाद की दूरी में सड़क का निर्माण भी प्राथमिक स्तर पर शुरू कर दिया गया। सब कुछ इतनी जल्दी करने की तैयारी थी कि मामला खुलने से पहले ही निर्माण कराकर धन हड़प लिया जाए।
सभी मार्गों की होगी जांच
मैंने तमाम मार्गों की जांच के लिए बीते दिनों मुख्यमंत्री को पत्र सौंपा था। इसके बाद जांच शुरू हुई है नतीजे सामने आएंगे।
हरिओम पांडेय, सांसद
निर्माण कार्य में लगाई गई रोक
मार्ग का निर्माण पहले राज्य सरकार की योजना में हुआ था। दोबारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बिना जानकारी दिए काम शुरू हुआ था। इसे रोक दिया गया है। मामले की जांच मुख्य अभियंता फैजाबाद कर रहे हैं। -यतेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी