अंबेडकरनगर। अकबरपुर थाना अंतर्गत नेहरूनगर मोहल्ला निवासी एक मासूम खेलने के दौरान पैर फिसलने से घर के निकट पानी से भरे शौचालय के गड्ढे में गिर गया। इससे उसकी उसमें डूबकर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर परिवारीजनों को सौंप दिया। घटना से परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है।
अकबरपुर थाना अंतर्गत नेहरूनगर मोहल्ला निवासी गुलाबचंद्र का का पुत्र अंशू (4) शनिवार सुबह घर के निकट खेल रहा था। कुछ देर बाद खेलते खेलते अंशू घर के पीछे एक गड्ढे के निकट पहुंच गया। इसी बची उसका पैर फिसल गया, और वह पानी से भरे शौचालय के खुले गड्ढे में गिर गया। जब काफी देर तक अंशू नहीं दिखा, तो घरवालों खोज खबर शुरू की। इधर-उधर तलाश करने के बाद जब सभी लोग घर के पीछे गए, तो वहां कता दृश्य देखकर सन्न रह गए। अंशू का शरीर पानी से भरे गड्ढे में तैर रहा था।
घर वाले उसे लेकर आननफानन जिला अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पंचनामा करने के बाद शव परिवारीजनों को सौंप दिया। घटना से घरवालों में कोहराम मचा हुआ है। उधर स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गड्ढा बंद होता, तो अंशू की जान बचाई जा सकती थी।
बंद होता गड्ढा तो बच जाती जान
शौचालय बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे को लेकर बरती गई लापरवाही से ही मासूम बच्चे के मौत का कारण बन गई। दरअसल कई बार ऐसे गड्ढे ग्रामीण क्षेत्रों में बना लिए जाते हैं, लेकिन उन्हें ढकने की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता। यदि नेहरुनगर में भी घर के निकट बने गड्ढे को ढक दिया गया होता तो यह हादसा होने से रोका जा सकता था। एक छोटी सी इसी चूक ने मासूम की जान शनिवार को ले ली।
बच्चों के खेलने के दौरान बरतें सावधानी
बच्चों के खेलने के दौरान उन पर लगातार किसी न किसी सदस्य को नजर रखनी चाहिए। ऐसा अक्सर देखने को मिलता है कि लापरवाही के चलते छोटे बच्चे मुश्किल में पड़ जाते हैं। घर के बाहर यदि बच्चे खेल रहे हों तो अनिवार्य रूप से परिवार के किसी सदस्य को निगरानी रखनी चाहिए। सिर्फ गड्ढे में ही गिरने से हादसे नहीं हुआ करते। कई बार जंगली जीव जंतु का भी शिकार ऐसे हालत में बच्चे बन जाते हैं। इन सबसे बच्चों को बचाने के लिए उन पर लगातार नजर रखना चाहिए। -डॉ. आरके सिंह, बाल रोग विशेष