अंबेडकरनगर। नगर पालिका परिषद अकबरपुर प्रशासन की लापरवाही के चलते 2 हजार 865 पात्रों का पक्के आवास में रहने का सपना नहीं पूरा हो पा रहा है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत वर्ष 2017-18 में अकबरपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 2 हजार 977 पात्रों का चयन पक्के आवास का लाभ दिलाने के लिए किया गया था। पालिका प्रशासन मात्र 112 पात्रों का ही अब तक स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट नगरीय विकास प्राधिकरण को उपलब्ध करा सका। नतीजा यह रहा कि प्राधिकरण द्वारा मात्र 112 पात्रों के आवास का निर्माण कार्य प्रारंभ हो सका है।
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का भी पक्के आवास में रहने का सपना पूरा हो सके, इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास शहरी व ग्रामीण योजना का संचालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत वर्ष 2017-18 में अकबरपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र 2 हजार 977 पात्रों का चयन शासन स्तर पर हुआ था। योजना के तहत आवास का निर्माण 3 लाख 50 हजार में किए जाने का प्राविधान है। इसमें ढाई लाख रुपये नगरीय विकास प्राधिकरण, जबकि 1 लाख पात्र को स्वयं देना होता है। 2017-18 में शासन द्वारा नामित कोलकाता की कार्यदायी संस्था ने अकबरपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में पहुंचकर पात्रों की सूची तैयार कर शासन को भेज दी थी। शासन द्वारा वह सूची अकबरपुर नगर पालिका प्रशासन को भेजकर स्थलीय सत्यापन कर आवश्यक रिपोर्ट नगरीय विकास प्राधिकरण को सौंपे जाने का निर्देश दिया था।
पात्रों के स्थलीय सत्यापन को लेकर नगर पालिका प्रशासन द्वारा बड़ी लापरवाही बरती गई। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर पालिका द्वारा मात्र 112 पात्रों का ही स्थलीय सत्यापन कर उसकी रिपोर्ट नगरीय विकास प्राधिकरण को सौंपी जा सकी। शेष 2 हजार 865 पात्रों का अब तक स्थलीय सत्यापन ही नहीं हो सका है। जिन पात्रों की सत्यापन रिपोर्ट प्राधिकरण को दी गई, उसके सापेक्ष 100 पात्रों को प्रथम किस्म के रूप में 50 हजार रुपये, जबकि 12 पात्रों को द्वितीय किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
नहीं मिली सत्यापन रिपोर्ट
अकबरपुर नगर पालिका परिषद द्वारा 2 हजार 261 पात्रों के सत्यापन की रिपोर्ट नहीं उपलब्ध कराई गई है। इसके चलते आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। सत्यापन रिपोर्ट मिलते ही आवास का निर्माण प्रारंभ करा दिया जाएगा। -उमेश सिंह, परियोजना प्रबंधक नगरीय विकास प्राधिकरण