अंबेडकरनगर। धनाभाव के चलते ठप पड़े चार पीएचसी का निर्माण कार्य शीघ्र ही पूर्ण होने का रास्ता साफ हो गया है। मांग के अनुसार शासन से कार्यदायी संस्था को मिली सवा दो करोड़ रुपये की रिवाइज राशि मिलने के बाद नेवादा कला, तेंदुआईकला, रसूलपुर बाकरगंज व सम्मनपुर में निर्माणाधीन पीएचसी का निर्माण मई के अंतिम सप्ताह तक पूर्ण होने की संभावना है। चारों पीएचसी का संचालन प्रारंभ होने से लगभग सवा लाख की आबादी को लाभ मिलेगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2014-15 में शासन ने नेवादा कला, तेंदुआईकला, रसूलपुर बाकरगंज व सम्मनपुर में पीएचसी निर्माण को हरी झंडी प्रदान की थी। 98 लाख 48 हजार रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक पीएचसी के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को दी गई थी। निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ, तो शुरुआत से ही निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आने लगीं। लगातार होने वाली शिकायत के बावजूद न तो किसी प्रकार की जांच हुई और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई। अप्रैल 2016 में निर्माण कार्य पूर्ण होने का लक्ष्य दिया गया, लेकिन निर्माण सामग्री महंगी होने के चलते राशि समाप्त हो गई, जिससे आधा अधूरा निर्माण ही हो सका।
कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए शासन को रिवाइज इस्टीमेट भेजा। इसके तहत नेवादा कला पीएचसी के लिए 47 लाख 52 हजार, तेंदुआईकला पीएचसी के लिए 46 लाख 62 हजार, रसूलपुर बाकरगंज पीएचसी के लिए 53 लाख 10 हजार व सम्मनपुर पीएचसी के लिए 72 लाख 21 हजार रुपये की मांग की गई। गत दिवस शासन ने आवश्यक राशि कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करा दी। साथ ही नेवादा कला पीएचसी को अप्रैल माह के अंत, जबकि अन्य तीनों पीएचसी का निर्माण मई माह के अंतिम सप्ताह में पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिया। उधर चारों पीएचसी के संचालन से 1 लाख 20 हजार से अधिक की आबादी को लाभ मिलने लगेगा। बताते चलें कि 30 हजार की आबादी पर एक पीएचसी का निर्माण कराया जाता है।
कार्यदायी संस्था को उपलब्ध हुई राशि
जिन चार पीएचसी का निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए रिवाइज इस्टीमेट शासन को भेजा गया था, उसके तहत 2 करोड़ से अधिक की राशि उपलब्ध हो गई है। यह राशि कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करा दिया गया है। अप्रैल माह में नेवादा, जबकि मई माह में अन्य तीनों पीएचसी का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश कार्यदायी संस्था को दिया गया है। -डॉ. कृष्णगोपाल सिंह, सीएमओ