अंबेडकरनगर। जिले में सोमवार शाम आई तेज आंधी व मूसलधार बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवा व पानी के चलते फसलें धराशाई हो गईं। जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जहां दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए, वहीं 50 से अधिक स्थानों पर टिनशेड व छप्पर उड़ गए। जगह-जगह जर्जर तारों व खंभों के गिरने से जिले की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो गई। मूसलधार बारिश से जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो गई। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से दिन के साथ साथ रात के तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही थी। मौसम कई दिनों से करवट ले रहा था। दो दिन पहले हल्की बूंदाबांदी के बाद एक बार फिर से मौसम साफ हो चला था। इस बीच सोमवार शाम अचानक आसमान पर काले बादल छाने लगे। देखते ही देखते तेज आंधी शुरू हो गई। धूलभरी तेज आंधी आने से लोगों को सड़क पर चलना दूभर हो गया। जगह जगह रुककर लोग आंधी रुकने का इंतजार करने लगे। आंधी की गति कम हुई, तो बारिश का दौर शुरू हो गया। जिला मुख्यालय पर तो फिर भी बारिश का दौर तेज नहीं रहा, लेकिन कई ग्रामीण क्षेत्रों में मूसलधार बारिश हई। तेज हवा के साथ हुई बारिश के चलते अकबरपुर फैजाबाद मार्ग पर एक पेड़ विद्युत तार पर गिर पड़ा। यह संयोग ही रहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि विद्युत आपूर्ति छिन्नभिन्न हो गई।
इसके अलावा फैजाबाद रोड, पहितीपुर रोड, दोस्तपुर रोड, जलालपुर रफीगंज मार्ग, महरुआ भीटी मार्ग, बसखारी जलालपुर मार्ग, बसखारी टांडा मार्ग पर दर्जनों पेड़ उखड़कर गिर पड़े। कई जगहों पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, लेकिन उसे समय रहते काबू में कर लिया गया। 50 से अधिक होर्डिंग, टीन शेड व छप्पर उड़ गए। अकबरपुर नगर के पहितीपुर मार्ग पर लगी एक विशालकाय होर्डिंग आंधी में जमींदोज हो गई। संयोग रहा कि इससे और कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके अलावा मूसलधार बारिश होने से जिला मुख्यालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। जिला मुख्यालय पर अकबरपुर फैजाबाद मार्ग, सब्जीमंडी, कलेक्ट्रेट के निकट जलभराव उत्पन्न हो गया। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलें उठानी पड़ीं।
किसानों की बढ़ी मुश्किल
सोमवार शाम आई आंधी व मूसलधार बारिश ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उत्पन्न कर दीं। दरअसल मौजूदा समय में खेतों में गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार खड़ी है। आंधी के साथ हुई बारिश के चलते ज्यादातर खेतों में फसलें धराशायी हो गईं। इतना ही नहीं, जिन किसानों ने गेहूं की कटाई कर मड़ाई के लिए खलिहान में गेहूं रखा हुआ था, वह भी बारिश से भीग गया। इससे मड़ाई का कार्य प्रभावित होगा। महरुआ के किसान जगदीश कुमार ने कहा कि तेज हवा के साथ हुई मूसलधार बारिश होने से फसल खेत में धराशायी हो गई है। इससे न सिर्फ गेहूं की चमक समाप्त हो जाएगी, बल्कि भूसा भी खराब हो जाएगा। चांदपुर भटपुरा के जवाहरलाल व रामपुर नोनसिला के रामअछैबर ने कहा कि मौजूदा समय में कटाई का दौर तेजी से चल रहा था। आंधी के साथ हुई बारिश ने इस पर अंकुश लगा दिया है। फसल के भीग जाने व धराशायी हो जाने से अब कम से कम कटाई में एक सप्ताह लग जाएगा। सोनगांव के अनंतराम ने कहा कि खलिहान में मड़ाई के लिए रखी गेहूं की फसल भीग गई है। अब यदि लगातार तीन दिन तक लगातार तेज धूप निकले, तो फसल मड़ाई के लायक होगी। इसके अलावा आंधी व पानी ने गन्ना फसल को भी नुकसान पहुंचाया है।
दो लाख आबादी की विद्युत आपूर्ति प्रभावित
तेज आंधी व बारिश के चलते जिले में लगभग दो लाख आबादी की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो गई। जिला मुख्यालय के मीरानपुर, शहजादपुर, अब्दुल्लापुर, इंद्रलोक कॉलोनी, पटेलनगर व रेलवे स्टेशन आदि क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति घंटों ठप रही। जलालपुर, बसखारी, टांडा, भीटी, इल्तिफातगंज, राजेसुल्तानपुर, हंसवर, जमुनीपुर प्रतिनिधियों के मुताबिक शाम पांच बजे से ठप हुई विद्युत आपूर्ति देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी। इससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की कुल 2 लाख की आबादी प्रभावित हुई। अधिशासी अभियंता एके यादव ने बताया कि आपूर्ति को दुरुस्त कराए जाने का प्रयास चल रहा है।