अंबेडकरनगर। मनरेगा मजदूरों के लिए खुशखबरी है। विगत वर्ष लक्ष्य के सापेक्ष 2 लाख 65 हजार अधिक मानव दिवस सृजन को देखते हुए शासन ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में मानव दिवस का सृजन का लक्ष्य बढ़ाकर 23 लाख 97 हजार 875 कर दिया है, जो कि विगत वर्ष के लक्ष्य 21 लाख 25 हजार के सापेक्ष 2 लाख 72 हजार 875 अधिक है। इससे मौजूदा वित्तीय वर्ष में मनरेगा मजदूरों को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। मानव दिवस सृजन का लक्ष्य बढ़ने के चलते गांवों में विकास के लिए राशि भी बढ़ने की संभावना प्रबल हो गई है। विगत वर्ष योजना के तहत 70 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई थी।
गांवों में विकास का पहिया तेजी से आगे बढ़े, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत जिले में 2 लाख 15 हजार जाबकार्डधारक हैं। इसके सापेक्ष 1 लाख 12 हजार जाबकार्डधारक सक्रिय हैं। मनरेगा मजदूरों को प्रतिदिन 175 रुपये मजदूरी के अनुसार भुगतान किया जाता है। इस बीच वित्तीय वर्ष 2018-19 में शासन ने मनरेगा मजदूरों को बड़ा तोहफा दिया है। मनरेगा मजदूरों को अधिक से अधिक कार्य मिल सके, इसके लिए नए वित्तीय वर्ष में मानव दिवस का सृजन का लक्ष्य बढ़ाकर 23 लाख 97 हजार 875 कर दिया है। यह लक्ष्य विगत वर्ष के सापेक्ष 2 लाख 72 हजार 875 अधिक है। विगत वित्तीय वर्ष में मानव दिवस सृजन का लक्ष्य 21 लाख 25 हजार था। हालांकि गत वर्ष प्रशासन ने लक्ष्य से अधिक 23 लाख 90 हजार मानव दिवस का सृजन किया था। यह लक्ष्य के सापेक्ष 2 लाख 65 हजार अधिक था। इसे देखते हुए ही शासन ने इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य को बढ़ा दिया है। मानव दिवस सृजन का लक्ष्य बढ़ाए जाने के साथ ही योजना के तहत राशि भी अधिक खर्च होने की संभावना है। विगत वर्ष योजना के तहत 70 करोड़ रुपये की धनराशि से गावों में विकास कार्य कराया गया था।
मजदूर बोले, लक्ष्य तो बढ़ा पर समय पर हो भुगतान
अकबरपुर की मनरेगा मजदूर शीला देवी व रामचरित्र ने कहा कि मानव दिवस सृजन का लक्ष्य बढ़ाना स्वागत योग्य है। इसका सीधा लाभ मनरेगा मजदूरों को मिलेगा। अधिक से अधिक कार्य मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ भी मिलेगा। भीटी के रामतीरथ व लंबू ने कहा कि मानव दिवस सृजन का लक्ष्य तो बढ़ा दिया गया, लेकिन इस पर शासन-प्रशासन को ध्यान देना होगा कि मजदूरों को सुचारु ढंग से योजना के तहत कार्य मिले। साथ ही उनका समय पर भुगतान हो। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि ग्राम प्रधान अपने चहेतों को अधिक दिन का कार्य देते हैं। इस पर अंकुश लगाया जाना होगा। ऐसा करने पर ही मजदूरों को सुचारु लाभ मिलेगा।
मनरेगा मजदूरों को मिलेगा लाभ
नए वित्तीय वर्ष में मानव दिवस का सृजन बढ़ाकर 23 लाख 97 हजार 875 दिन कर दिया गया है। इसका सीधा लाभ मनरेगा मजदूरों को मिलेगा। -गिरीशचंद्र पाठक मनरेगा उपायुक्त