अंबेडकरनगर। जिले को इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य विगत वर्ष के सापेक्ष 36 हजार 400 मीट्रिक टन लक्ष्य कम दिया गया है। विगत वर्ष गेहूं खरीद का लक्ष्य 94 हजार 500 मीट्रिक टन था, जबकि इस वर्ष इसे घटाकर मात्र 58 हजार 100 मीट्रिक टन कर दिया गया। आगामी दो अप्रैल से प्रारंभ हो रहे गेहूं खरीद में किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छह एजेंसियों के कुल 66 केंद्र स्थापित किए गए हैं। खाद्य एवं विपणन विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लिए जाने का दावा किया है।
गौरतलब है कि आगामी दो अप्रैल से शासन के निर्देश पर गेहूं खरीद का कार्य प्रारंभ हो रहा है। शासन ने इसके लिए जिले को गेहूं खरीद का लक्ष्य भी दे दिया है। इस बार जिले को कुल 58 हजार 100 मीट्रिक टन लक्ष्य दिया गया है, जो कि विगत वर्ष के सापेक्ष 36 हजार 400 मीट्रिक टन कम है। विगत वर्ष जिले को कुल 94 हजार 500 मीट्रिक टन लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष छह एजेंसियों के 66 केंद्रों पर मात्र 43 प्रतिशत गेहूं की ही खरीद हो सकी थी। किसानों को गेहूं बिक्री करने में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छह एजेंसियों के कुल 66 केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक एजेंसी का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया गया है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार खाद्य विभाग के नौ केंद्र को 21 हजार 900 मीट्रिक टन, पीसीएफ के 44 केंद्रों पर 23 हजार 200 मीट्रिक टन, राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के चार केंद्र पर 3 हजार मीट्रिक टन, नैफेड के चार केंद्रों पर 4100 मीट्रिक टन, भारतीय खाद्य निगम के दो केंद्रों पर 5500 मीट्रिक टन तथा यूपी स्टेट एग्रो के एक क्रय केंद्र पर 400 मीट्रिक टन की खरीददारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दो अप्रैल से शुरू हो रहे खरीद में किसानों को अपना गेहूं बेचने में किसी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लिए जाने का दावा किया है।
समर्थन मूल्य बढ़ने पर किसानों ने जताई खुशी
गौरतलब है कि इस बार शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 110 रुपये बढ़ाकर 1735 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य 1625 रुपये था। समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने का गेहूं किसानों ने बढ़ चढ़कर स्वागत किया है। अकबरपुर के किसान राजमणि वर्मा व अरविंद ने कहा कि 110 रुपये समर्थन मूल्य बढ़ाया जाना स्वागत योग्य है, लेकिन इसे कम से कम 300 रुपये बढ़ाया जाना था। भीटी के गेहूं किसान रामबख्श सिंह व अंबिका ने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए समर्थन मूल्य 110 रुपये की बजाए साढ़े 300 रुपये किया जाना था। हालांकि 110 रुपये बढ़ाया जाना भी कुछ हद तक किसानों को राहत देगा।
आगामी दो अप्रैल से जिले के 66 केंद्रों पर गेहूं खरीद का कार्य प्रारंभ हो रहा है। किसानों को गेहूं बिक्री करने में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसे लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। सभी केंद्रों पर कांटा बांट, बोरी व रस्सी की समुचित व्यवस्था कर दी गई है। साथ ही क्रय केंद्र प्रभारियों को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। - अंशूमाली शंकर, खाद्य एवं विपणन अधिकारी