अंबेडकरनगर। बीते दिन आई तेज आंधी से जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो गई। जर्जर तार व खंभे क्षतिग्रस्त होने का नतीजा रहा कि जिला मुख्यालय समेत समूचा जिला शुक्रवार पूरी रात अंधेरे में डूबा रहा। इससे लगभग 12 लाख की आबादी प्रभावित हुई। सबसे अधिक समस्या शनिवार सुबह पानी को लेकर लोगों को हुई। जिला मुख्यालय की तो शनिवार पूर्वाह्न तक विद्युत आपूर्ति बहाल हो गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति अपराह्न तक बहाल नहीं हो सकी थी।
गौरतलब है कि शुक्रवार शाम अचानक तेज आंधी आई थी। न सिर्फ कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए थे, बल्कि जर्जर हो चुके विद्युत खंभे व तार भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह छिन्नभिन्न हो गई थी। उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि रात होते होते गड़बड़ी दूर कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दरअसल पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों के वर्क टू रूल हड़ताल के चलते कर्मचारियों ने गड़बड़ी दूर करने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। नतीजा यह रहा कि जिला मुख्यालय समेत समूचा जिला पूरी रात अंधेरे में डूबा रहा। शनिवार पूर्वाह्न गड़बड़ी दूर कर जिला मुख्यालय की आपूर्ति तो बहाल कर दी गई, लेकिन अपराह्न तक ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी थी। नतीजा यह रहा कि लगभग 12 लाख की आबादी प्रभावित हुई।
भीटी तहसील अंतर्गत भगवानपट्टी, शाहपुर, धारूपुर, तिवारीपुर, रुदऊपुर, जैतूपुर, धरमगंज, बस्तीपुर, लोहझरा, रेवली, टेमा, लोकनाथपुर, मथानी व दांदूपुर, जलालपुर तहसील अंतर्गत नेवादा, हजपुरा, सम्मनपुर, मछलीगांव, कजपुरा, रसूलपुर, टांडा तहसील अंतर्गत सूरापुर, खासपुर, दहियावर, चिंतौरा, बसखारी आदि क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति देर शाम तक बहाल नहीं हुई। बदतर विद्युत आपूर्ति के चलते आम लोगों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
पेयजल की भी हुई दिक्कत
विद्युत आपूर्ति ठप होने से जिला मुख्यालय पर सबसे अधिक समस्या पेयजल की रही। सबसे अधिक समस्या उन लोगों को हुई, जो सिर्फ नगर पालिका द्वारा वाटर सप्लाई या फिर टुल्लूपंप के सहारे जलापूर्ति पर आश्रित थे। उन्हें एक एक बाल्टी पानी के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। अकबरपुर के उपभोक्ता गोपाल मौर्य व दीपक शुक्ला ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पालिका परिषद प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था कर जलापूर्ति करनी चाहिए थी। शहजादपुर के गोलू अग्रहरि व सत्यम गुप्ता ने कहा कि उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए पावर कारपोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों को गड़बड़ी दूर कर विद्युत आपूर्ति बहाल करनी चाहिए थी।
दोपहर तक बहाल हुई विद्युत आपूर्ति
तेज आंधी के चलते जहां जहां तार व विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें शनिवार दोपहर तक ठीक कर दिया गया। जिला मुख्यालय पर सुबह ही आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। अन्य क्षेत्रों में दोपहर तक आपूर्ति बहाल कर दी गई। -एके यादव, अधिशासी अभियंता विद्युत