अंबेडकरनगर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन शनिवार को देर रात तक बैंकों से लेकर विभिन्न कार्यालयों में आपाधापी रही। अधिकारी व कर्मचारी आवश्यक कार्य निपटाने में लगे रहे। बीच-बीच में कई बार विद्युत आपूर्ति ठप हुई, तो जनरेटर का सहारा लेकर कार्य किया गया। देर रात तक लगभग सभी कार्यालय खुले रहे।
शासन के निर्देशानुसार एक दिन पहले शुक्रवार को भी जहां देर रात तक विभिन्न कार्यालयों में काम-काज चला, वहीं शनिवार को पूरे दिन आपाधापी का माहौल रहा। आमतौर पर 10 बजे के बाद कार्यालय में पहुंचने व अपराह्न होते-होते कार्यालय से चले जाने वाले अधिकारी व कर्मचारी सुबह आठ बजते-बजते अपने कार्यालय पहुंच गए। वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने के चलते सभी अधिकारियों को चिंता थी कि जो धनराशि विभिन्न कार्यों के लिए आई है, उसका प्रयोग कर लिया जाएगा। विशेषकर विकास कार्यों व स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत आई धनराशि को संबंधित कार्यदायी संस्था को भुगतान किए जाने का कार्य प्रारंभ हो गया। लंबित भुगतान भी आननफानन में किए जाने का कार्य तेज हो गया। दिन भर चली आपाधापी का दौर देर रात तक चलता रहा। अमर उजाला की टीम शनिवार देर शाम विभिन्न कार्यालयों में पहुंची, तो अधिकारी व कर्मचारी आवश्यक कार्य निपटाने में मशगूल दिखे। कृषि भवन, जिला पंचायत कार्यालय, कलेक्ट्रेट स्थित विभिन्न कार्यालय, विकास स्थित विभिन्न कार्यालयों के अलावा ट्रेजरी कार्यालय व बैंकों में कार्य होता दिखाई दिया।