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कर्मचारियों के स्थानांतरण का मुद्दा है विधायक की नाराजगी की मुख्य वजह

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आलापुर (अंबेडकरनगर)। विधायक आलापुर की डीएम व एसपी से नाराजगी का मुख्य कारण तहसील स्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों के रवैये में बदलाव न होना शामिल है। विधायक अनीता कमल ने बताया कि लंबे समय से एक ही क्षेत्र में जमे कई लेखपालों का स्थानांतरण नहीं किया जा रहा। जनसमस्याओं के निस्तारण में रुचि न लेने वाले आलापुर तहसीलदार का भी स्थानांतरण करने की बात का ध्यान नहीं दिया गया। यही हाल थाना प्रभारियों व पुलिस कर्मियों का भी है। इन मामलों की तरफ कई बार डीएम व एसपी का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। उधर दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र सार्वजनिक होने के 24 घंटे बाद तक दोनों पक्षों के बीच किसी तरह की वार्ता की कोई खबर सामने नही आ पाई।
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गौरतलब है कि दो दिन पूर्व आलापुर विधायक अनीता कमल ने डीएम अखिलेश सिंह व एसपी संतोष कुमार मिश्र के विरुद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र सौंपा था। इसमें दोनों अधिकारियों पर फोन रिसीव न करने तथा विकास में बाधक बनने का आरोप लगाते हुए गैर जनपद स्थानांतरण की सिफारिश की थी। विधायक का यह पत्र सामने आने के बाद से जिले में हड़कंप मचा है। इस बीच अधिकारियों व विधायक के बीच आई खटास का मूल कारण जानने के लिए अमर उजाला ने विधायक अनीता कमल से वार्ता की तो कई महत्वपूर्ण तथ्य उभरकर सामने आए। विधायक ने बताया कि आलापुर विधानसभा क्षेत्र में कई लेखपाल एक ही क्षेत्र में वर्षों से तैनात हैं। अक्सर ग्रामीणों द्वारा उनसे यह शिकायत की जाती रही कि लेखपाल गांव की राजनीति में शामिल हो जाते हैं। समस्याओं के निस्तारण में मनमानी की जा रही। इस पर उन्होंने कई बार डीएम से कहा था कि ऐसे सभी लेखपालों को इधर से उधर कर दिया जाए। तहसीलदार आलापुर प्रभाकर त्रिपाठी भी समस्याओं के निस्तारण की बजाए अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं। विधायक ने कहा कि कई सिपाहियों तथा थाना प्रभारियों को लेकर एसपी से कहा गया, लेकिन इसके बावजूद न तो इन पुलिस कर्मियों का जनता के प्रति रवैया बदला और न ही उनका स्थानांतरण किया गया। इन मुद्दों पर बात करने के लिए ही अब जब उनके द्वारा फोन किया जाता था तो उसे रिसीव नही किया गया। इसके चलते ही मजबूर होकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखना पड़ा।

विधायक के प्रस्तावों का लिया जा रहा संज्ञान
विधायक आलापुर ने कुछ दिन पहले लेखपालों आदि के स्थानांतरण को लेकर बात की थी। उस समय मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चल रहा था। खतौनी में हिस्सा निर्धारण का काम चला। इसके बाद वित्तीय वर्ष की समाप्ति को लेकर प्रशासनिक व्यस्तता बढ़ गई। विधायक ने जो भी बातें कही थीं उनका नियमानुसार निस्तारण क्रमवार सुनिश्चित कराया जा रहा है। -अखिलेश सिंह, डीएम
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नहीं किया न्याय तो हटेंगे पुलिसकर्मी
कोई भी पुलिसकर्मी यदि न्याय करता नहीं पाया गया तो उसे हटाया जाएगा। विधायक ने कुछ दिन पहले जानकारी दी थी, उस पर पुलिस कर्मियों को सचेत किया गया था। अपनी जिम्मेदारी के प्रति सभी पुलिसकर्मी जवाब देह रहे इसीलिए कई पुलिस कर्मियों का निलंबन भी किया गया। -संतोष कुमार मिश्र, एसपी
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