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आलू किसानों को लगा झटका, नहीं खुले एक भी क्रय केंद्र

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अंबेडकरनगर। जिले के लगभग ढाई लाख आलू किसानों को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, धान व गेहूं क्रय केंद्रों की तरह शासन ने आलू क्रय केंद्र खोले जाने की घोषणा की थी। जिले के पांच विकास खंड मुख्यालयों पर उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड कानपुर को क्रय केंद्र खोले जाने का निर्देश दिया गया था। 1 मार्च से क्रय केंद्र खुलना था।
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बताते चलें कि जिले में धान, गेहूं व गन्ने की खेती करने के साथ ही आलू की भी बोआई बड़े पैमाने पर की जाती है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के 4600 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगभग ढाई लाख किसानों ने आलू की बुआई इस वर्ष की है। लगभग 11 लाख 50 कुंतल आलू की पैदावार हुई है। शासन ने विकास खंड अकबरपुर, जलालपुर, टांडा, बसखारी व रामनगर में आलू क्रय केंद्र खोले जाने का निर्णय लिया था।
1 मार्च से आलू की खरीद की जा सके, इसके लिए क्रय केंद्र खोलने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ समिति कानपुर को दी गई। समर्थन मूल्य 587 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित कर दिया गया। नामित समिति के अधिकारियों ने चयनित विकास खंड मुख्यालय पर पहुंचकर सर्वे किया, लेकिन प्रक्रिया इससे आगे नहीं बढ़ी। नतीजा यह रहा कि अब तक क्रय केंद्र नहीं खोला जा सका। इसके चलते आलू किसानों के समक्ष उपज की बिक्री के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। अकबरपुर के किसान राजितराम व सूर्यकांत ने कहा कि क्रय केंद्र खुलने से उन्हें इधर उधर न भटकना पड़ता। केंद्र न खुलने से उन्हें झटका लगा है। जलालपुर के रामबिहारी व जगदीश ने कहा कि प्रदेश सरकार की घोषणा से उम्मीद थी कि अब वे आसानी से आलू की बिक्री कर सकेंगे। अब बताया जा रहा कि जिस समिति को यह जिम्मेदारी दी गई है, उसने हाथ खड़े कर दिए हैं।
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आढ़तियों की बल्ले-बल्ले
शासन की मंशानुरूप क्रय केंद्र न खुलने से आढ़तियों की बल्ले बल्ले हो गई है। शासन ने आलू का समर्थन मूल्य 587 रुपये रखा था। साथ ही यह भी कहा गया था कि आलू का मूल्य बाजार में बढ़ने नहीं दिया जाएगा। साथ ही कालाबाजारी पर भी अंकुश लगेगा। केंद्र न खुलने से किसानों को मजबूरन आलू आढ़तियों के हाथों औने पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है। आढ़ती मनमाने ढंग से आलू का दाम बढ़ाकर बेच रहे हैं। जिस रेट में आढ़ती आलू बेच रहे हैं, वह समर्थन मूल्य से लगभग 200 रुपये अधिक है। बाजार में मौजूदा समय में लगभग 800 रुपये प्रति कुंतल बिक रहा है।

आलू क्रय केंद्र के लिए जिस समिति को नामित किया गया था, उसके अधिकारियों ने सर्वे तो किया, लेकिन केंद्र नहीं खोला। क्रय केंद्र खोलने की जिम्मेदारी जिस समिति को दी गई थी, उस पर पूरे मंडल में खोले जाने की जिम्मेदारी थी। कहीं भी नहीं खोला जा सका है। इसकी जानकारी शासन को दी जा चुकी है। -संजय रस्तोगी, प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी
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