अंबेडकरनगर। लगभग 27 करोड़ की लागत से जिले के 56 गांव पिचमार्ग से जुड़ेंगे। दरअसल राज्य सरकार ने ढाई सौ से अधिक आबादी वाले गांव को पिचमार्ग से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में लोकनिर्माण विभाग ने 56 गांव को चिन्हित किया है। शासन से जल्द ही धन आवंटन होने की उम्मीद है। इसके बाद गांव को पक्के मार्ग से जोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। निश्चित तौर पर यह उन विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी, जो अभी भी बेहतर ढंग से मुख्य मार्गों से नहीं जुड़ पाए हैं। इससे संबंधित गांव के अलावा आसपास के गांव के लोगों को भी लाभ मिल सकेगा। इससे करीब 20 हजार आबादी को आवागमन में सुविधा होगी।
यूं तो अंबेडकरनगर जिले में अन्य निकटवर्ती जनपदों की अपेक्षा विकास के तमाम महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। इनमें सड़क निर्माण का कार्य भी प्राथमिकता में शामिल है। हालांकि कई ग्रामीण क्षेत्र अभी भी ऐसे हैं, जो पिचमार्ग से नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसे गांवों को ही पक्के मार्ग से जोड़ने के लिए बीते दिनों शासन ने यह घोषणा की थी कि जिन गांव की आबादी ढाई सौ से अधिक होगी, उन्हें पिचमार्ग से जोड़ा जाएगा। शासन के इस निर्णय व बाद में आए निर्देशों के क्रम में लोक निर्माण विभाग सक्रिय हो उठा है। विभागीय अभियंताओं व कर्मचारियों की टीम ने राजस्व प्रशासन के साथ मिलकर ऐसे गांवों की सूची तैयार करना शुरू किया, जिनकी आबादी ढाई सौ से अधिक है।
पीडब्ल्यूडी ने अपनी तैयारी पूरी करने के बाद जिले में कुल ऐसे 56 गांव चिन्हित किए हैं, जिन्हें पिचमार्ग से जोड़ा जाएगा। इन गांवों की मुख्य सड़कें अभी या तो खड़ंजायुक्त हैं या बहुत पहले पिच होने के चलते अब खस्ताहाल हो चुकी हैं। विभाग ने इन 56 गांव की सड़कों को पिच करने के लिए लगभग 27 करोड़ का खर्च अनुमानित किया है। शासन को संबंधित गांवों की सूची व उस पर आने वाले खर्च का ब्यौरा भेज दिया गया है। जल्द ही इस पर धन आवंटन की उम्मीद है। विभाग का मानना है कि अप्रैल अंतिम सप्ताह या मई प्रथम सप्ताह तक कार्य शुरू हो जाएगा।
125 किमी लंबा मार्ग होगा पिच
जिन 56 गावों के मुख्य मार्ग को पिच करने का निर्णय लिया गया है, उनकी कुल दूरी 125 किमी है। इतनी दूरी के मार्ग को सरकार की योजना के तहत पिच किया जाएगा। बेहतर ढंग से बनने वाली इन सड़कों की चौड़ाई 3.75 मीटर होगी। ऐसा इसलिए, जिससे गांव में बेहतर आवागमन की सुविधा स्थापित की जा सके।
चल रही आवश्यक तैयारी
शासन की योजना के तहत 56 गांव को पिचमार्ग से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। गांव का चिन्हीकरण कर आवश्यक प्रस्ताव भेज दिया गया है। उसे जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। -यतेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी