विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे अवैध बालू खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। प्रशासन की उदासीनता से खनन माफिया लाखों की कमाई कर रहे हैं। पहले रात में खनन होता था अब पिछले कुछ दिनों से कारोबारी दिन में ही खनन करने लगे हैं। प्रशासन व खनन विभाग के अधिकारियों की साठ गांठ कर इसका जमकर फायदा उठाया जा रहा है। जिन घाटों का पट्टा हुआ है, वहां भी मानकों की अनदेखी कर बालू का खनन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार अवैध खनन रोकने को लेकर काफी सख्त है। समय-समय पर खनन विभाग व जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जाते हैं। बावजूद इसके टांडा क्षेत्र में बालू का अवैध खनन कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में महज चार घाटों का ही पट्टा हुआ है, लेकिन खनन का कार्य आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर किया जा रहा है। खनन माफिया के साथ वैध पट्टाधारक भी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। रायल्टी से कई गुना अधिक बालू का खनन किया जा रहा है। पट्टा कहीं मिला है और खनन कहीं और कराया जा रहा है। सलारपुर, डुहिया सहित चार घाट का पट्टा है, लेकिन यहां जमकर मनमानी की जा रही है। क्षेत्र के रायपुर, महरीपुर, अजमेरी बादशाहपुर व सलोना घाट सहित कई अन्य स्थानों पर अवैध तरीके से बालू का खनन जारी है। इसे रोकने में खनन विभाग व प्रशासन पूरी तरह नाकाम है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, तहसील प्रशासन व खनन विभाग इस गोरख धंधे पर पूरी तरह मौन साधे हुए है।
वैध पट्टों पर हो रहा खनन
अवैध खनन रोकने के लिए विभागीय टीम पूरी तरह मुस्तैद है। कहीं पर शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाती है। समय समय पर छापेमारी अभियान भी चलाया जाता है। मौजूदा समय में कहीं पर अवैध खनन की जानकारी मेरे पास नहीं है। -गिरिजेश कुमार त्यागी, एडीएम