अंबेडकरनगर। नए शिक्षासत्र से राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान कि तहत जिले के चार मॉडल स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। पौने तीन करोड़ की लागत से जाफरगंज, पहितीपुर, रामनगर व इधना में पंडित दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज के भवन लगभग बनकर तैयार हैं। जाफरगंज व पहितीपुर विद्यालय भवन को फिनिशिंग टच दिए जाने का कार्य चल रहा है। शेष विद्यालयों के भवन का निर्माण भी मार्च के प्रथम सप्ताह तक पूर्ण व अंतिम सप्ताह तक शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। मॉडल विद्यालयों के संचालन से संबंधित क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा ग्रहण करने का लाभ मिलेगा।
कक्षा 6 से इंटरमीडिएट तक की बेहतर शिक्षा छात्र-छात्राओं को मिल सके, इसके लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में चार मॉडल स्कूलों की स्थापना की संस्तुति शासन ने प्रदान की थी। वर्ष 2010-11 में जाफरगंज, पहितीपुर व रामनगर तथा 2012-13 में इधना गांव में मॉडल स्कूल के निर्माण को हरी झंडी मिली। पहले इसका नाम मॉडल स्कूल था, लेकिन केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद इसका नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज कर दिया गया। प्रत्येक विद्यालय के निर्माण के लिए पौने तीन करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। जाफरगंज, पहितीपुर व रामनगर विद्यालय के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड व इधना विद्यालय निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सी एंड डीएस को सौंपी गई।
जाफरगंज व पहितीपुर में विद्यालय भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसे फिनिशिंग टच दिया जा रहा है। जांच टीम के सत्यापन के बाद मार्च माह के प्रथम सप्ताह में इसे शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिए जाने की संभावना है। रामनगर में 95 प्रतिशत, जबकि इधना में 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उम्मीद है कि मार्च के पहले पखवारे में निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा तथा अंतिम सप्ताह तक इसे शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। ऐसे में नए शिक्षासत्र से संबंधित विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। मॉडल स्कूल के संचालन से संबंधित क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को व्यापक लाभ मिलेगा। बेहतर शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्र छात्राओं को इधर-उधर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
नए शिक्षासत्र से शुरू होगा शिक्षण कार्य
जाफरगंज व पहितीपुर मॉडल स्कूल भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। रामनगर व इधना का निर्माण भी शीघ्र ही पूर्ण हो जाएगा। जांच टीम के सत्यापन के बाद आवश्यक व्यवस्था कर नए शिक्षासत्र अप्रैल माह से शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। -विनोद सिंह, डीआईओएस