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दिल के मरीजों की जांच के लिए जिला अस्पताल में नहीं है सुविधा

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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में दिल के मरीजों के समुचित इलाज व जांच की व्यवस्था न होने से मरीजों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जांच के नाम पर मात्र ईसीजी की ही व्यवस्था है। ऐसा तब है, जबकि प्रतिदिन ओपीडी में लगभग 25 से 30 दिल के मरीज पहुंचते हैं। सामान्य समस्या होने पर उनका इलाज किया जाता है, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ या फिर वाराणसी रेफर कर दिया जाता है।
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दिल के मरीजों को जिला अस्पताल में समुचित इलाज के साथ साथ जांच की भी सुविधा मिल सके, इसके लिए शासन ने 156 जिला अस्पतालों में कार्डियक केयर यूनिट (सीसीयू) व इंटेसिव केयर यूनिट (आईसीयू) की स्थापना करने का निर्णय लिया है। शासन के निर्णय के अनुसार यदि जिला अस्पताल में इसकी स्थापना आने वाले दिनों में होती है, तो दिल के मरीजों को व्यापक लाभ मिलेगा। कारण यह कि जिला अस्पताल में दिल के मरीजों के इलाज के नाम पर विशेष व्यवस्था नहीं है। जांच के नाम पर महज एकमात्र ईसीजी मशीन है, जिसका संचालन लैब टेक्नीशियन प्रशांत कुमार तिवारी करते हैं। प्रशांत के अनुसार प्रतिदिन 10 से 15 ईसीजी की जाती है।
और तो और जिला अस्पताल में दिल के मरीजों की भर्ती के लिए अलग से वार्ड की भी स्थापना भी नहीं की जा सकी है। दिल के मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में दो चिकित्सक डा. डीपी वर्मा व डॉ. मनोज शुक्ला की तैनाती है। चिकित्सकों के अनुसार ओपीडी में प्रतिदिन 25 से 30 दिल के मरीज इलाज के लिए आते हैं। गंभीर दशा होने पर उन्हें रेफर किया जाता है। जिला अस्पताल में ईसीजी जांच की सुविधा है। अन्य जांच के लिए मरीजों को बाहर भेजा जाता है। हालांकि आवश्यक दवाएं जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं। उधर सीएमएस डॉ. पीएन यादव ने बताया कि आईसीयू व सीसीयू स्थापना के संबंध में शासन से किसी प्रकार का दिशा-निर्देश अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।
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