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पौने दो लाख पशु व मत्स्य पालक उठाएंगे केसीसी का लाभ

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अंबेडकरनगर। जिले के लगभग पौने दो लाख पशुपालकों व मत्स्य पालकों को केसीसी का लाभ मिलेगा। केंद्रीय बजट में पशुपालकों व मत्स्य पालकों का केसीसी बनाए जाने की घोषणा से उनमें नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इससे न सिर्फ पशुपालन, बल्कि मछली पालन की तरफ लोगों का रुझान तेजी से आगे बढ़ेगा। मौजूदा समय में सरकारी योजनाओं से 135 पशुपालक व 28 मत्स्य पालक लाभान्वित हो रहे हैं।
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गौरतलब है कि एक दिन पहले सामने आए केंद्रीय बजट में किसानों की दशा सुधारने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए। इनके साथ ही पशुपालन व मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बजट में घोषणा की गई कि किसानों की तरह ही अब पशुपालकों व मछली पालकों का भी केसीसी बनेगा। केंद्रीय बजट में इस घोषणा से जिले के लगभग डेढ़ लाख पशुपालकों व 30 हजार मछली पालकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि पशुपालन व मछली पालन व्यवसाय में तेजी से वृद्धि होगी। बताते चलें कि जिले में डेढ़ लाख से अधिक किसानों का केसीसी बना हुआ है। इसका लाभ उन्हें मिल रहा है। अब पशुपालक व मत्स्य पालक भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार मौजूदा समय में सरकारी स्तर पर 135 पशुपालकों व 28 मत्स्य पालकों को विभिन्न प्रकार से लाभ मिल रहा है। अनुदान या फिर ऋण के माध्यम से पशुपालक व मत्स्य पालक योजना का लाभ उठा रहे हैं। अकबरपुर तहसील अंतर्गत मीरपुर शेखपुर गांव में गिरिजा गोपाल गौशाला का संचालन कर रहे हरिसहाय सिंह ने कहा कि डीपीआरओ पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पशुपालन की तरफ कदम बढ़ाया। गांव में गौशाला की स्थापना की। मौजूदा समय में 100 से अधिक गाय हैं। कहा कि केंद्रीय बजट में पशुपालकों का केसीसी बनाने की घोषणा सराहनीय है। इससे पशुपालन व्यवसाय की तरफ अन्य लोग भी आकर्षित होंगे। अकबरपुर तहसील अंतर्गत टीकमपारा गांव निवासी सत्यनरायन ने कहा कि किसानों की तरह पशुपालकों व मछली पालकों को केसीसी का लाभ दिए जाने की योजना सराहनीय है। इससे दोनों व्यवसाय में बढ़ोत्तरी होगी। जलालपुर तहसील अंतर्गत रफीगंज निवासी योगिंदर ने कहा कि उनका परिवार लगभग दो दशक से मत्स्य पालन में लगा हुआ है। अब तक उन्होंने किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया है। अब जबकि सरकार ने केसीसी बनाए जाने का निर्णय लिया है, तो इसका मत्स्य पालकों को व्यापक लाभ मिलेगा। इससे आसानी से ऋण लिया जा सकेगा, जिससे व्यवसाय में वृद्धि होगी।
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आपरेशन ग्रीन से होगा लाभ
सब्जियों व फलों के दामों में उतार चढ़ाव होने से किसानों का नुकसान न हो, इसके लिए केंद्रीय बजट में ऑपरेशन ग्रीन का प्राविधान रखा गया है। इसका किसानों ने बढ़ चढ़कर स्वागत किया है। कटेहरी के किसान सतीराम व अवधेश ने कहा कि आलू, टमाटर, प्याज समेत सभी सब्जियों व फलों के दामों में अक्सर उतार चढ़ाव से किसानों का नुकसान हो जाया करता था। दाम गिरने से सब्जियों के समुचित रखरखाव की व्यवस्था न होने से सब्जियां सड़ जाती थीं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता था। ग्रीन आपरेशन से नुकसान होने से बचत होगी। टांडा के किसान बाबूराम ने कहा कि लगभग प्रत्येक वर्ष सब्जियों व फलों के दाम में उतार चढ़ाव से 5 से 8 हजार रुपये का नुकसान होता था। जो बड़े किसान हैं, उन्हें तो और अधिक क्षति उठानी पड़ती थी। अब जबकि आपरेशन ग्रीन योजना का संचालन होने वाला है, तो ऐसे में इस नुकसान से बचाव हो सकेगा।

पशुपालन व मत्स्य पालन में हैं अपार संभावनाएं
परंपरागत खेती के अलावा पशुपालन व मत्स्य पालन में ग्रामीणों के लिए अपार संभावनाएं हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से विभिन्न क्षेत्रों में तमाम ग्रामीण बेहतर पशुपालन व मत्स्य पालन कर रहे। अब केसीसी से सहायता मिलने से इसमें और मजबूती आएगी। -डॉ. रविप्रकाश मौर्य, प्रभारी कृषि विज्ञान केद्र पांती
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