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फरवरी में मिलेगी अत्याधुनिक मातृ शिशु अस्पताल की सौगात

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अंबेडकरनगर। जिले को शीघ्र ही 100 बेड का अत्याधुनिक मातृ शिशु अस्पताल मिलने जा रहा है। जिला अस्पताल में लगभग बनकर तैयार इस अस्पताल का लाभ माताओं व बच्चों को फरवरी माह में मिलने की संभावना है। यहां भर्ती माताओं व बच्चों को बेहतर सुुविधा मिल सके, इसकी जिम्मेदारी निजी संस्था हिंदुस्तान लैटेस्ट लिमिटेड को दी गई है। अत्याधुनिक मशीनों से लैस इस अस्पताल के संचालन होने से अब क्रिटिकल केस वाले बच्चों व माताओं को इलाज के लिए इधर-उधर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
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बच्चों व महिलाओं को समुचित इलाज जिले में ही मिल सके, इसके लिए वर्ष 2014 में जिला अस्पताल परिसर में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने 100 बेड के मातृ शिशु अस्पताल के निर्माण की घोषणा की थी। 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण दिसंबर 2016 तक पूर्ण हो सके, इसके लिए निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई। निर्माण कार्य तेजी से प्रारंभ हुआ, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद निर्माण की गति कुछ धीमी हो गई। हालांकि मौजूदा समय में इस अस्पताल भवन का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। अब सत्यापन की प्रक्रिया शेष बची है। सत्यापन के बाद वाटर सप्लाई, विद्युत जैसे कार्यों को शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद अस्पताल के संचालन के लिए चयनित निजी संस्था हिंदुस्तान लैटेस्ट लिमिटेड को सौंप दिया जाएगा।
सीएमएस डॉ. पीएन यादव ने बताया कि मौजूदा समय में जिला अस्पताल में 10 बेड का मातृ शिशु केंद्र संचालित है। 100 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल लगभग बनकर तैयार है। अत्याधुनिक मशीनों से लैस इस अस्पताल के संचालन से जच्चा बच्चा दोनों को व्यापक लाभ मिलेगा। अक्सर क्रिटिकल केस होने से जच्चा व बच्चा को रेफर करना पड़ता था, लेकिन इस अस्पताल के संचालन से यह समस्या दूर हो जाएगी।
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मिलेंगी उत्तम सुविधाएं
जिला अस्पताल में 100 बेड का अत्याधुनिक मातृ शिशु अस्पताल बनकर तैयार है। फरवरी माह तक इसके शुरू होने की संभावना है। डीजी मेडिकल एंड हेल्थ डॉ. पदमाकर सिंह ने इस अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी निजी संस्था हिंदुस्तान लैटैक्स लिमिटेड को सौंपा है। जिले में यह पहला सरकारी अस्पताल है, जिसके संचालन की जिम्मेदारी निजी संस्था को दी जा रही है। इस अस्पताल में जच्चा व बच्चा को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। -डॉ. कृष्णगोपाल सिंह, सीएमओ
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