जलालपुर। प्रदेश के सर्वोच्च सम्मान यशभारती से सम्मानित प्रसिद्ध शायर अनवर जलालपुरी को स्थानीय रुहाबाद कब्रिस्तान में सैकड़ों नम आंखों के बीच सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, साहित्यकार, व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस मौके पर सभी की आंखें नम रहीं।
मालूम हो कि शायरी की दुनिया के बादशाह अनवर जलालपुरी को 28 दिसंबर को ब्रेनहैमरेज होने की वजह से केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। यहां दो जनवरी की सुबह 10 बजे उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। 70 वर्षीय अनवर का पार्थिव शरीर मंगलवार देरशाम जलालपुर पहुंचा तो उसे उनके द्वारा स्थापित मिर्जा गालिब इंटर कॉलेज ले जाया गया। बाद में उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर जलालपुर नगर के ही दलालटोला ले जाया गया।
दलालटोला में देरशाम से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बुधवार दोपहर तमाम लोग पहुंच गए। यहां सबकी आंखें नम रहीं। हर कोई अनवर जलालपुरी के अन्तिम दर्शन को बेताब था। यहां से उनका पार्थिव शरीर तमसा नदी के किनारे स्थित रुहाबाद कब्रिस्तान ले जाया गया। यहां सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सभी अनवर के साथ बिताए पलों को याद भावुक नजर आए।
यहां गमगीन माहौल के बीच उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इससे पहले कब्रिस्तान में नमाजे जनाजा अदा की गई। इस मौके पर पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा, पूर्व सांसद राकेश पाण्डेय, एमएलसी हीरालाल यादव, विधायक रितेश पांडेय, पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष हाजी कमरहयात, सपा नेता सुभाष राय, भाजपा नेता राजेश सिंह, युवा सपा नेता सिद्धार्थ मिश्र, कृष्णकुमार मिश्र, कांग्रेस नेता सुनील मिश्र आदि मौजूद रहे। अनवर को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी तादाद में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, व्यापारी व गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।