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हांड़कंपाऊ ठंड में 30 दिसंबर तक बंद हुए कक्षा आठ तक के विद्यालय

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कड़ाके की ठंड से सभी बेहाल, स्कूल बंद
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अंबेडकरनगर। जनपद में गुरुवार को कड़ाके की ठंड से सभी बेहाल रहे। घने कोहरे व सर्द हवा के चलते आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त रहा। कोहरा काफी घना होने के चलते सुबह देर तक वाहन चालकों को लाइट जलाने के बावजूद काफी धीमी चलना पड़ा। सुबह ठंड के बीच ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे।

दोपहर में हल्की धूप निकली, लेकिन उसका ठंड पर कुछ असर नहीं हुआ। दोपहर ढलने के साथ ही फिर से कोहरे का प्रकोप शुरू हो गया। शाम होते-होते बाजारों में सन्नाटा पसर गया। कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी ने कक्षा आठ तक के सभी विद्यालय दो दिन के लिए बंद कर दिए हैं। जनपद में गुरुवार का दिन इस मौसम का सभी सर्द दिन रहा। गुरुवार सुबह लोग उठे तो वह घने कोहरे थे। सुबह देर तक घना कोहरा छाया रहा।
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घने कोहरे के बीच सर्द हवा ने ठंड को काफी बढ़ा दिया। इससे भी लोग बेहाल रहे। कोहरे के चलते वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगी। सुबह लाइट जलाने के बावजूद वाहन सड़क पर रेंगते नजर आए। दोपहर बाद हल्की धूप निकली, लेकिन कुछ ही देर बाद गायब हो गई। उसका असर ठंड पर नहीं हुआ। दोपहर ढलने के साथ एक बार फिर कोहरा छाने लगा। सर्द हवा के चलने से ठंड का का प्रकोप बढ़ गया।


खराब मौसम के चलते लोग जरूरी काम के बिना घरों से नहीं निकले। सुबह बच्चों को जरूर ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। बाजारों में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। शाम होते ही दुकानदार अपने प्रतिष्ठान बंद करने लगे। लोग ठंड से बचने के लिए अपने अपने घरों में दुबक गए। कड़ाके की ठंड को देखते हुए गुरुवार को जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने जनपद में कक्षा आठ तक के सभी विद्यालय दो दिन के लिए बंद कर दिए।

बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार व शनिवार को विद्यालय बंद रहेंगे। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार से सुबह 10 बजे से 3 बजे तक ही स्कूल खुलेंगे। अवकाश के दौरान कोई स्कूल खुला पाया गया, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कहा कि जिलाधिकारी का निर्देश परिषदीय, सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त व निजी विद्यालयों पर भी लागू होगा।

रिक्शे को ही बनाया आशियाना
कड़ाके की ठंड की मार खुले में काम करने वालों पर पड़ी। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने के चलते ठंड से बचने को रिक्शा चालकों ने रिक्शे को ही अपना आशियाना बना लिया। उन्होंने ज्यादातर समय रिक्शे पर ही गुजारा। रिक्शा चालक मग्घूराम व छोटेलाल का कहना था कि परिवार का पेट पालने की मजबूरी के चलते कड़ाके की ठंड में भी काम करना पड़ रहा है। सवारी भी कम निकल रही है। ऐसे में ठंड से बचने के लिए रिक्शे पर ही रहने की मजबूरी बन गई है।
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सुबह ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे बच्चे
घने कोहरे व कड़ाके की ठंड के बीच गुरुवार सुबह बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। कड़ाके की ठंड का असर विद्यालयों में छात्र छात्राओं की उपस्थिति पर भी पड़ा। ज्यादातर परिषदीय विद्यालयों में आमतौर पर सन्नाटे का माहौल रहा। निजी विद्यालयों में उपस्थिति कुछ अधिक रही। इस बीच अभिभावकों ने प्रशासन द्वारा विद्यालयों में अवकाश की घोषणा का स्वागत किया।
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