सम्मनपुर थाना क्षेत्र में वारदात, अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज
अंबेडकरनगर। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के पलई कल्यानपुर गांव में एक युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसके शव को एक छत से रस्सी के सहारे लटका दिया गया। हालांकि जिस तरह पैर जमीन पर छू रहा था, उससे प्रथमदृष्टया मामला हत्या का ही लग रहा था।
सीओ अकबरपुर ने घटनास्थल का जायजा लिया। बाद में पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर लिया। सम्मनपुर थाना अंतर्गत पलई कल्यानपुर मूल निवासी आदित्य रंजन पटेल (27) पुत्र स्व. रामसूरत अकबरपुर थाना अंतर्गत औलियापुर स्थित नए घर से बुधवार शाम बाइक से पलई कल्यानपुर जाने की बात कहकर निकला था।
गुरुवार भोर में गांव के कुछ लोग एक नवनिर्मित स्कूल के बगल से गुजरे, तो वहां एक कक्ष में आदित्य का शव रस्सी के सहारे छत से लटकता दिखाई दिया। उसके पैर भूमि से छू रहे थे। प्रथम दृष्टया यह साफ प्रतीत हो रहा था कि आदित्य की हत्या करने के बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसके शव को रस्सी के सहारे छत से लटका दिया गया।
घटना की जानकारी गांव पहुंची, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। रोते पीटते परिवारीजन भी आ गए। इस बीच एसओ सम्मनपुर देवीचरण गुप्त दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। परिवारीजनों की मदद से शव को छत से नीचे उतारा और उसे कब्जे में ले लिया।
जिस कक्ष में शव मिला था, वहां शराब की एक खाली बोतल व गिलास मिला। हालांकि परिवारीजनों का कहना था कि आदित्य किसी प्रकार का नशा नहीं करता था। सीओ सदर धर्मेंद्र सचान ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
परिवारीजनों व ग्रामीणों से पूछताछ के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जाता है कि आदित्य अकबरपुर थाना अंतर्गत औलियापुर में मौसी के साथ रहता था। पलई कल्यानपुर में वह स्कूल खोल रहा था। इसके लिए भवन का निर्माण चल रहा था।
बेटे को मिली थी धमकी
मृतक की मां मनोरमा ने बताया कि बुधवार दोपहर आदित्य ने उसे फोन कर जानकारी दी थी कि गांव का ही एक व्यक्ति ट्रैक्टर लेकर उसके खेत में जबरदस्ती घुस गया था। जब उसने इसका विरोध किया। इस पर उस व्यक्ति ने गुरुवार सुबह देख लेने की धमकी दी थी।
कहा कि उसका पुत्र अत्यंत सरल स्वभाव का था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। हालांकि बाद में मामा की तहरीर पर हत्या का जो केस दर्ज हुआ, उसमें किसी को नामजद नहीं किया गया।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
मृतक की मां मनोरमा फैजाबाद जिले में एक परिषदीय विद्यालय में शिक्षिका हैं। आदित्य इकलौता लड़का था। बड़ी पुत्री अंजली वर्मा वैज्ञानिक है, जिसकी तैनाती दिल्ली में है।
घर के इकतौले चिराग के बुझने से मनोरमा पर पहाड़ सा टूट पड़ा। वह बार-बार अपने पुत्र को याद कर बेहोश हो जा रही थी। किसी की समझ में नहीं आ रहा था कि किस प्रकार उसे ढांढस बंधाएं।