मुल्क की तरक्की व अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ
बसखारी। मुल्क की तरक्की व अमन-चैन की दुआ के लिए जैसे ही सज्जादानशीं व दरगाह हजरत मखदूम अशरफ के मुतवल्ली सै. मोहिउद्दीन अशरफ के हाथ उठे, वैसे ही लाखों जायरीन के मुंह से आमीन निकला।
631 वर्ष पुराने पवित्र खिरके की जियारत कर नम आंखों से जायरीन ने मन्नत मांगी। मौका था बुधवार को सज्जादानशीं का विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी के आस्तान-ए-आलिया पर विशेष वस्त्र खिरका पहनने के बाद विशेष दुआ करने का।
गौरतलब है कि महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी का 631वां सालाना उर्स इन दिनों रसूलपुर किछौछा स्थित दरगाह में चल रहा है। बुधवार को दरगाह के मुख्य सज्जादानशीं व मुतवल्ली सै. मोहिउद्दीन अशरफ को विशेष दुआ करनी थी।
सुबह से ही सज्जादानशीं के बसखारी स्थित आवास पर जायरीन उमड़ने लगी। दोपहर बाद सज्जादानशीं हरे रंग की पालकी में सवार होकर जुलूस के साथ दरगाह की तरफ रवाना हुए। बसखारी से लगभग एक किमी दूर स्थित दरगाह तक जाने में उन्हें लगभग दो घंटा लग गया।
बड़ी संख्या में जायरीन जुलूस के साथ चलते हुए तकबीर के नारे लगा रहे थे। जुलूस जब अशरफी पुल के निकट पहुंचा तो वहां पहले से ही मौजूद गनीदार शाह के नेतृत्व में फोखराओं ने सज्जादानशीं को अपने घेरे में ले लिया। इसके बाद फोखरा उन्हें लेकर दरगाह परिसर स्थित लहदखाने पहुंचे।
यहां इंतेजामिया कमेटी अध्यक्ष सै. मेराजुद्दीन किछौछवी, नईम अशरफ, चांद अशरफ व लल्लू खादिम आदि की मौजूदगी में सज्जादानशीं ने लगभग 631 वर्ष पुराने पवित्र खिरके को ग्रहण किया। नमाज अदा कराने के बाद वे जायरीन के हुजूम के बीच आस्तान-ए-आलिया पर पहुंचे।
विभिन्न प्रकार के नारों से समूचा दरगाह परिसर गूंज उठा। सज्जादानशीं ने विशेष दुआ के लिए हाथ उठाया तो दरगाह परिसर में लाखों जायरीन होने के बावजूद सन्नाटा छा गया। देश की तरक्की व अमन-चैन की दुआ के बीच खिरका की जियारत करते हुए जायरीन की आंखों से आंसू निकल रहे थे।
इसके बाद सज्जादानशीं दरगाह परिसर में ही स्थित खानकाह पहुंचे जहां कव्वाली का आयोजन हुआ। उर्स का विशेष दिन होने के चलते बुधवार को बड़ी संख्या में जायरीन उर्स परिसर में पहुंच गए। इसके अलावा बड़ी संख्या में जायरीन सज्जादानशीन के आवास बसखारी भी पहुंच गए।
यहां से निकलने वाले जुलूस में बड़ी संख्या में जायरीन के होने के चलते पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर रखे थे। बसखारी, आलापुर, जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर की पुलिस बसखारी से लेकर दरगाह परिसर तक जगह-जगह तैनात थी। एएसपी ओपी सिंह लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए थे।