नियम-कानून के पालन पर जोर दें युवा
अंबेडकरनगर। अमर उजाला फाउंडेशन ने सोमवार को अहिरौली थाना क्षेत्र की पुलिस पाठशाला देवइंद्रावती महाविद्यालय कटेहरी में लगाई। इसमें युवाओं को सीख दी गई कि वे जीवन में अनुशासन व नियम-कानून के पालन पर अधिक जोर दें।
ऐसा करने पर उन्हें जीवन में तमाम मुश्किलों से निजात मिल सकती है। वक्ताओं ने कहा कि कानून का पालन करने की जिम्मेदारी सभी पर समान रूप से है। ऐसा नहीं कि हम सिर्फ सामने वाले से ही कानून के पालन करने की उम्मीद करते रह जाएं।
मुख्य अतिथि थाना प्रभारी अहिरौली वासुदेव राणा ने कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण पर की। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया जबकि संचालक ने अतिथियों का स्वागत कराया। मुख्य अतिथि ने कहा कि जो कार्य पुलिस का है, उसे अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा किया जाना न सिर्फ सराहनीय है, वरन दूरगामी परिणाम वाला है।
उन्होंने युवाओं से कहा कि वे जीवन में अनुशासन पर जोर दें। अनुशासन सिर्फ विद्यालय के भीतर तक सीमित न रहे। अनुशासन को हम जीवन का अंग बनाएंगे तो विद्यालय के बाहर भी हम संयम से रहेंगे।
यदि ऐसा करने में हम कामयाब हुए तो न सिर्फ जाम की समस्या कम होगी, वरन समाज से कई प्रकार के अपराधों का खात्मा हो सकेगा।
उन्होंने जाम लगने के कारणों को गिनाते हुए कहा कि कहीं भी तनिक सा जाम लगने के दौरान यदि हम आपाधापी के बजाय धैर्य का परिचय दें तो निश्चित तौर पर जाम के बड़े संकट से बच सकते हैं।
उन्होंने सड़कों पर लाइन बनाकर न चलने की सीख देते हुए कहा कि ऐसा करने से हमारी जान का संकट बना रहता है। थाना प्रभारी ने युवाओं से कहा कि वे शिक्षा ग्रहण करने की तरफ ही अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखें।
माता-पिता की जो आस उनसे है, वह पूरा करने की तरफ उन्हें ध्यान देना होगा। महिला सुरक्षा के लिए कई तरह के प्रावधान व कानून की जानकारी विस्तार से दी।
कहा कि कहीं भी किसी को कोई समस्या होती है तो उसे निसंकोच पुलिस से शेयर करना चाहिए। महाविद्यालय प्रबंधक डॉ. राना रणधीर सिंह ने युवाओं को पुलिस के व्यापक महत्व से अवगत कराया।
कहा कि पुलिस के प्रयासों के बूते ही हम चैन की नींद सोते हैं। ऐसे में हमारा फर्ज भी है कि हम जहां तक हो सके, वहां तक पुलिस का सहयोग तय करें।
प्राचार्य डॉ. एबी सिंह ने आयोजन की सराहना की और इसे अत्यंत लाभकारी बताया। कार्यक्रम में महिला महाविद्यालय प्राचार्य साधना श्रीवास्तव, बीरबल व कई अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।