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38 प्रतिशत बच्चों को नहीं लग पा रहा जिले में टीका

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38 प्रतिशत बच्चों को नहीं लग पा रहा टीका
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अंबेडकरनगर। दो वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण में अंबेडकरनगर जनपद फिसड्डी साबित हुआ है। यहां लगभग 38 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।

नतीजतन जिले को केंद्र सरकार की सघन मिशन इंद्रधनुष योजना में शामिल करते हुए अब 7 अक्तूबर से सरकारी अस्पतालों व उपकेंद्राें पर विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।

यह जिला प्रदेश के 52 तो देश भर के 118 ऐसे जिलों में शामिल किया गया है जहां बच्चों के टीकाकरण की दशा चिंताजनक है। गौरतलब है कि बच्चों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र व उपकेंद्रों पर नियमित टीकाकरण अभियान चलता रहता है।
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इसके बाद भी जिले में अभियान की प्रगति चिंताजनक दौर से गुजर रही है। विभिन्न केंद्रों व अस्पतालों पर कर्मचारियों द्वारा टीकाकरण में रुचि न लिए जाने का ही नतीजा है कि जिले को सघन मिशन इंद्रधनुष योजना में शामिल करना पड़ा है।

इस योजना में ऐसे जिलों को शामिल किया जाता है जहां की प्रगति 70 प्रतिशत से भी कम रहती है। केंद्र सरकार ने ऐसे जिलों में टीकाकरण की स्थिति सुधारने के लिए वर्ष 2014 से सघन मिशन इंद्रधनुष योजना शुरू कर रखी है।

अब तीन वर्ष बाद अंबेडकरनगर भी इस स्थिति में पहुंच गया है कि उसे इस योजना में शामिल करना पड़ा है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जन्म से दो वर्ष तक के बच्चों को अलग-अलग किस्म के जो टीके लगाए जाते हैं, उसमें अंबेडकरनगर की स्थिति अच्छी नहीं है।

38 प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं जिन्हें औसतन प्रत्येक वर्ष यह टीका नहीं लग पा रहा है। जिले में महज 62 प्रतिशत बच्चों को ही वे टीके लग पा रहे हैं जो उनके लिए निर्धारित हैं।

अंबेडकरनगर जनपद की इसी स्थिति को देखते हुए अब उसे प्रदेश के उन 52 जिलों में शामिल किया गया है जहां 70 प्रतिशत से भी कम बच्चों को टीके लग पा रहे हैं।

देश भर में ऐसे कुल 118 जिले इस बार चयनित हुए हैं। इन सभी जिलों की तरह अंबेडकरनगर में भी 7 अक्तूबर से सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान शुरू किया जा जाएगा। अभियान के दौरान बच्चों को जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी व उपकेंद्रों पर टीके लगाए जाएंगे। विशेष कैंपों का भी आयोजन होगा।

अभियान के दौरान अकबरपुर विकास खंड में 18609, भीटी में 6601, कटेहरी में 9093, जलालपुर में 15574, बसखारी में 10080, भियांव में 8744, रामनगर में 10027, जहांगीरगंज में 9713 तथा टांडा में 13767 बच्चों को टीका लगाया जाएगा। इनमें एक वर्ष तक के 53 हजार 626 बच्चे तथा एक से दो वर्ष तक के 48 हजार 582 बच्चे शामिल हैं।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. हेमंत ने बताया कि बच्चों को सात मुख्य टीकों समेत कुल 10 टीके लगाए जाने हैं। इनमें बीसीजी, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी, निमोनिया से लेकर एचआईबी, खसरा, जेईई व पोलियो इंजेक्शन व ड्राप शामिल हैं। इन टीकों व इंजेक्शन को अभियान पूर्वक लगाए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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डीएम अखिलेश सिंह ने बताया कि जिले में बच्चों के टीके का प्रतिशत बढ़ाने के लिए आमलोगों का भी सहयोग लिया जाएगा। पूरे अभियान को वृहद ढंग से जिले में चलाया जाएगा। अभी जो 62 प्रतिशत के आसपास टीकाकरण है, उसे 70 प्रतिशत से ऊपर ले जाना है।
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