कैफियात के दुर्घटनाग्रस्त होने पर कई परिवारों की सांसें अटकीं
अंबेडकरनगर। औरेया के निकट कैफियात एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिलते ही जिले के विभिन्न क्षेत्र में कोहराम सा मच गया। तमाम परिवारों में किसी अनहोनी को लेकर रोना-पीटना शुरू हो गया क्योंकि प्रतिदिन दो सौ से अधिक यात्री दिल्ली के लिए रवाना होते हैं। हादसे में जहां जिले के 10 यात्री घायल हुए हैं, वहीं कई ऐसे भी रहे हैं, जो बाल-बाल बच गए।
मंगलवार देर रात दिल्ली जा रही कैफियात एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिलते ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रोना-पीटना मच गया। अलग-अलग परिवारों के जो सदस्य ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे, वे सब बेचैन हो गए। अप एक्सप्रेस ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिलने के दौरान डाउन एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे यात्रियों के परिवारीजनों में भी कई जगह रोना-पीटना मच गया। डाउन ट्रेन से यात्रा कर रहे लोगों का फोन देर रात न उठने पर अनहोनी समझ कई घरों में कोहराम की स्थिति रही। इस बीच अप एक्सप्रेस ट्रेन में हुए हादसे में जिले के कुल 10 यात्री घायल हुए हैं। इनमें से जलालपुर तहसील अंतर्गत रामगढ़ निवासी आशीष (28) गांव के ही नंदलाल (40) के साथ मंगलवार को कैफियात से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। आशीष के भतीजे ग्राम प्रधान रवींद्र गौतम ने बताया कि आशीष की मां एक ऑपरेशन कराने के लिए अपनी बहन के घर दिल्ली गई हैं। ऑपरेशन में लगने वाले पैसे को लेकर ही आशीष ने नंदलाल के साथ आजमगढ़ जाकर ट्रेन पकड़ी थी। बुधवार सुबह आशीष की पत्नी ने सामान्य तौर पर हाल जानने के लिए फोन किया, तब पता चला कि वे दोनों दुर्घटनाग्रस्त होकर अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों को पैर व पीठ पर चोट आई है।
जलालपुर तहसील अंतर्गत जफराबाद निवासी गंगा सोनी (36) व उनकी पत्नी कुसुम सोनी (34) भी इस हादसे में घायल हुई हैं। अमर उजाला टीम जफराबाद पहुंची तो वहां मिले उनके भाई कालीचरन ने बताया कि गंगा अपने परिवार के साथ लगभग एक दशक से दिल्ली में रह रहे हैं। वे जलालपुर नहीं आए थे और न ही उन सबसे उनकी कोई बातचीत ही है। उधर ट्रेन में यात्रा कर रहे कई ऐसे भी लोग रहे, जो साफ-साफ बच गए। टांडा तहसील के भूलेपुर निवासी मोहम्मद शाहिद अपनी पत्नी के साथ एक दिन पहले ट्रेन से दिल्ली के लिए निकले थे। छोटे भाई शारिक मोहम्मद ने बताया कि ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली तो वे सब घबरा गए। बाद में फोन करने पर पता चला कि वे सभी सुरक्षित हैं। इस पर परिवार ने राहत की सांस ली।
ट्रेन हादसे में घायल होने वालों में लोरपुर पालहन निवासी रामरेख, बलरामपुर राजेसुल्तानपुर निवासी राहुल कुमार, अकबरपुर निवासी रूपेश, बहादुरपुर निवासी जगदीश यादव, शेखपुरा टांडा निवासी फोटू, हंसवर निवासी रमेश, रामगढ़ निवासी नंदलाल व आशीष तथा जफराबाद निवासी गंगा सोनी व कुसुम सोनी शामिल हैं।
कैफियात एक्सप्रेस ट्रेन से यात्रा करने के लिए अकबरपुर रेलवे स्टेशन महत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार है। प्रतिदिन यहां से लगभग डेढ़ सौ यात्री दिल्ली के लिए रवाना होते हैं। मालीपुर स्टेशन से भी 50 के आसपास यात्री दिल्ली के लिए इसी ट्रेन का सहारा लेते हैं। मंगलवार देर रात हुए हादसे के बाद जब यात्रियों के परिवारीजनों में अफरातफरी का माहौल था, तब भी रेलवे ने अकबरपुर स्टेशन पर कोई कंट्रोल रूम स्थापित करने की तरफ ध्यान नहीं दिया। इससे लोगों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
अकबरपुर के स्टेशन अधीक्षक जियालाल ने बताया कि यहां रेलवे ने कंट्रोल रूम का कोई निर्देश नहीं दिया था। फैजाबाद में कंट्रोल रूम बना था। यहां जो यात्री या परिवारीजन पहुंचे, उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई।