नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...
अंबेडकरनगर। समूचे जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। विभिन्न मंदिरों व मठों पर योगीराज भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां सजीं। अकबरपुर पुलिस लाइंस में भी भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। शहजादपुर के लोहा मंडी में जागरण के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों का मंचन किया गया। रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रतीकात्मक मंचन हुआ। समूचा माहौल भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पटाखे फोड़कर व मिठाइयां बांटकर भी खुशी जताई।
जन्माष्टमी पर्व के मौके पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन-अर्चन किया। रात के 12 बजते ही चारों तरफ भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजने लगे। श्रद्धालुओं ने प्रतीकात्मक रूप से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का मंचन भी किया। पुलिस लाइंस में जन्माष्टमी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में एसपी सुधीर सिंह ने पूजन-अर्चन किया। पुलिसकर्मियों ने भी पूजन-अर्चन में भाग लिया। पुलिसकर्मियों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जताई। इसके अलावा जिले के सभी थानों में जन्माष्टमी पर्व के मौके पर पूजन-अर्चन हुआ। शहजादपुर लोहा मंडी, शहजादपुर शिवाला में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी निकाली गई। अकबरपुर कोतवाली में कोतवाल वकील सिंह यादव की देखरेख में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
टांडा प्रतिनिधि के अनुसार जन्माष्टमी के मौके पर क्षेत्र के विभिन्न मठ-मंदिरों में पूजन-अर्चन हुआ। रात के 12 बजते ही समूचा नगर घंटे-घड़ियाल व शंखनाद से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने आतिशबाजी कर खुशी जताई। प्रसाद वितरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। टांडा में कोतवाल मनोज पंत ने सिपाहियों के साथ पूजन-अर्चन किया। नगर के मोहल्ला मुबारकपुर, नेहरुनगर, हयातगंज व छज्जापुर आदि स्थानों पर झांकियां निकाली गई। अहिरौली थाने में एसओ वासुदेव राणा ने जन्माष्टमी पर पूजन-अर्चन किया। इसके अलावा आलापुर, जलालपुर, बसखारी, चांदपुर, जहांगीरगंज, मालीपुर व हजपुरा में भी जन्माष्टमी पर पूजन-अर्चन किया गया। उधर अहिरौली थाना क्षेत्र के भीखीपुर में श्रीनवयुवक रासलीला समिति के कलाकारों ने रासलीला का मंचन किया। अध्यक्ष रामतीरथ प्रजापति ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर कृष्ण जन्म, पूतना-वध, माखन चोरी, राधा कृष्ण का मधुर मिलन व भगवान श्रीकृष्ण के गाय चराने के प्रसंगों का मंचन किया गया।