राइस मिल में पकड़ा 546 बोरी चावल व गेहूं
भीटी। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान (कोटा) के अनाज की कालाबाजार का बड़ा मामला गुरुवार को पकड़ा गया। इस बारे में मिली एक सूचना पर एसडीएम भीटी के नेतृत्व में टीम ने अहिरौली थानान्तर्गत मुस्तफाबाद स्थित एक राइसमिल पर छापा मारा। मिल में 546 बोरी अनाज मिला जो कोटे की दुकानों का था। इस बड़े खुलासे के बाद अधिकारियों ने राइस मिल सील कर दिया। बरामद अनाज के संबंध में केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही थी।
जिले के कई इलाकों में कोटे के अनाज की कालाबाजारी की शिकायतें उपभोक्ता कर रहे थे। कोटेदारों, राइस मिल संचालक व खाद्य विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से गोरखधंधा किए जाने की बात कही जा रही थी। इसके बावजूद किसी भी क्षेत्र में कालाबाजारी रोकने को लेकर छापेमारी नहीं की गई। इस बीच भीटी तहसील प्रशासन की सक्रियता से गुरुवार को बड़ा मामला पकड़ा गया। एसडीएम राजमुनि यादव को सूचना मिली कि मुस्तफाबाद स्थित श्यामलाल वर्मा के राइस मिल पर कोटे का अनाज कालाबाजारी के लिए रखा गया है।
इस पर एसडीएम ने दोपहर बाद पूर्ति निरीक्षक मुनीर खान व पुलिस टीम के साथ राइस मिल पर छापा मारा। उस समय मिल में कई लोग भी मौजूद थे। अधिकारियों व पुलिस को देखते ही राइस मिल में हड़कंप मच गया। कहा जा रहा है कि राइस मिल संचालक श्यामलाल व अन्य कर्मचारी वहां से भाग निकले। पुलिस ने मिल को घेरकर तलाशी कराई। इस दौरान एक कक्ष में 350 बोरी चावल व 196 बोरी गेहूं बरामद हुआ। बोरियों पर सरकारी मुहर लगी थी। एसडीएम के मुताबिक राइस मिल को सील कर दिया गया। उसके संचालक के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बरामद अनाज के बारे में जानकारी की जा रही है। इसके साथ कोटेदारों भी औचक जांच की जाएगी।