जिले में कम होती जा रही बारिश
जिला प्रशासन ने तैयार किए तीन वर्ष के आंकड़े
किसानों के प्रभावित होने की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। मानसून में लगातार हो रहे बदलाव का असर बारिश पर पड़ रहा है। जिले में घट रहा औसत वर्षा का अनुपात चिंता का विषय है। जुलाई को छोड़ अन्य माह में औसत से काफी कम बारिश हुई है। आगे यह औसत और भी कम होने की आशंका है। बारिश कम होने का सीधा असर किसानों पर पड़ता है।
यह बात जिले में प्रशासन द्वारा तैयार किए गए तीन वर्षों के बारिश के आंकड़ों से सामने आई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो लगातार बारिश का औसत घट रहा है। वर्ष 2015 के जनवरी माह में औसत बारिश 21.24 मिलीमीटर (एमएम) के सापेक्ष 20.10 एमएम, वर्ष 2016 में 3.90 और वर्ष 2017 में 5.50 एमएम हुई। फरवरी माह में औसत वर्षा 16.35 के सापेक्ष वर्ष 2015 में 10.10 एमएम, 2016 व 2017 में बारिश शून्य रही। मार्च माह में औसत वर्षा 1.12 एमएम के सापेक्ष 2015 में 24.40 तो 2016 व 2017 में शून्य रही। अप्रैल माह में औसत वर्षा 7.19 एमएम के सापेक्ष वर्ष 2015 में 24.30, 2016 में शून्य तो वर्ष 2017 में 0.5 एमएम रही। मई माह में औसतन वर्षा 21.60 के सापेक्ष वर्ष 2015 में 4.80 एमएम, वर्ष 2016 में 48.60 व 2017 में 36.65 एमएम बारिश हुई। जून माह में औसत वर्षा 168.06 के सापेक्ष 2015 में 93.95 एमएम, 2016 में 71.80 व 2017 में 54.5 एमएम बारिश हुई। जुलाई माह में 293.26 के सापेक्ष वर्ष 2015 में 187.20, 2016 में 354.60 व 2017 में अब तक 368.15 एमएम बारिश हुई। वर्ष 2017 में जून व जुलाई की औसत वर्षा 461.32 के सापेक्ष अब तक 422.20 एमएम हुई है। आपदा प्रबंधन अधिकारी एके शुक्ल ने बताया कि बारिश का औसत लगातार घट रहा है, जो चिंता का विषय है। पर्यावरण असंतुलन का असर अब बारिश पर दिखने लगा है। लगातार घटते बाग बगीचे व जंगल इसका प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।