100 से अधिक विद्यालयों पर तालाबंदी का खतरा
- अस्थाई मान्यता का नहीं कराया रिनीवल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। जिले के 100 से अधिक ऐसे विद्यालयों पर संचालन ठप होने का खतरा मंडराने लगा है, जिनकी अस्थाई मान्यता समाप्त हो चुकी है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर ऐसे विद्यालयों को स्थाई मान्यता लिए जाने की नोटिस जारी करने निर्देश दिया है, जो सिर्फ अस्थाई मान्यता पर चल रहे हैं। ऐसे चार विद्यालयों को बीते दिनों नोटिस भी जारी की गई है।
गौरतलब है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए ऐसे विद्यालयों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था, जो बगैर मान्यता के संचालित होकर छात्र छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे थे। शासन के निर्देश पर गत दिवस जिले में एक साथ चले अभियान में पाया गया कि 358 विद्यालय ऐसे मिले जिनकी मान्यता नहीं है। जांच रिपोर्ट के बाद तत्कालीन डीएम ने ऐसे सभी विद्यालयों के विरुद्ध संबंधित थाने में केस दर्ज कराए जाने का निर्देश दिया था। हालांकि अब तक मात्र बसखारी थाने में ही 14 विद्यालयों के विरुद्ध धोखाधड़ी व तथ्य छिपाने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया। अन्य के विरुद्ध किसी प्रकार का कड़ा कदम न उठाए जाने के चलते ऐसे विद्यालयों का संचालन अभी धड़ल्ले से जारी है।
इस बीच गत 11 जुलाई को शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा निदेशक डा. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर निर्देशित किया कि ऐसे विद्यालयों को भी नोटिस जारी किया जाए, जो लंबे समय से अस्थाई मान्यता पर संचालित हो रहे हैं। ऐसे सभी विद्यालयों को नोटिस जारी कर, उन्हें स्थाई मान्यता लेने का निर्देश दिया जाए। साथ ही उन विद्यालयों को बंद कराया जाए, जो बगैर मान्यता के संचालित हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जिले में 100 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं, जिन्होंने अस्थाई मान्यता तो ली है, लेकिन उसे स्थाई नहीं कराया है। समयावधि भी बीत चुकी है। ऐसे चार विद्यालयों को बीते दिनों नोटिस भी जारी की गई है।
लगेगा 1 लाख रुपये का जुर्माना
बगैर मान्यता के विद्यालयों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। जांच में यदि कोई विद्यालय संचालित होता पाया गया, तो उस पर 1 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी यदि संचालित होता पाया गया, तो 10 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगेगा। इसके अलावा लंबे समय से अस्थाई मान्यता पर चले आ रहे विद्यालयों को भी नोटिस जारी की जा रही है।
- जेएन सिंह, बीएसए